डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 28, 2026
Lifestyle
0
“पहाड़-सा हौसला” एक प्रेरणादायक हिंदी Folk-Rock गीत है, जो संघर्ष, साहस, आत्मविश्वास और निरंतर आगे बढ़ते रहने की शक्ति को पर्वत और नदी के सुंदर रूपकों में प्रस्तुत करता है।
Ram Kumar Joshi
Jul 28, 2026
व्यंग रचनाएं
1
रिश्वत कांड में बड़े साहब की मृत्यु के बाद मुआवजे, सरकारी बंगले और अनुकम्पा नियुक्ति के लिए हुए समझौते पर आधारित तीखा हिंदी व्यंग्य।
Prem Chand Dwitiya
Jul 28, 2026
व्यंग रचनाएं
1
लाफिंग क्लब के बाद अब क्राइंग क्लब! आधुनिक जीवन, अकेलेपन, आंसुओं और रोने की कला पर डॉ. प्रेमचंद द्वितीय का रोचक हास्य-व्यंग्य।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 27, 2026
व्यंग रचनाएं
0
पेपर लीक के विरोध से शुरू हुई ज़ेन ज़ी की किरांति एक इस्तीफ़े के बाद होटल की पार्टी तक पहुँच गई। मगर क्या मंत्री का त्यागपत्र मिलते ही व्यवस्था सुधर गई, भ्रष्टाचार समाप्त हो गया और विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो गया? नई पीढ़ी की आंदोलन-शैली, रील, वाइब, वाटर कैनन और रिज़ाइन-पार्टी पर चुटीला व्यंग्य।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 27, 2026
Culture
0
“वक़्त का पहिया घूमे रे” समय, सत्ता, शोहरत और अभिमान पर आधारित एक रेट्रो बॉलीवुड दार्शनिक गीत है, जिसे डॉ. मुकेश असीमित ने लिखा है और AI Music Platform पर संगीतबद्ध किया गया है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 27, 2026
News and Events
0
गंगापुर सिटी में अपना घर सेवा समिति द्वारा लायंस क्लब सार्थक के सहयोग से आयोजित CPR प्रशिक्षण, प्राइमरी ट्रॉमा केयर एवं कार्डियक इमरजेंसी मैनेजमेंट विषयक जनजागरूकता कार्यक्रम में चिकित्सकों ने आमजन को जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। डॉ. रवि गुप्ता ने डमी पर लाइव CPR डेमो प्रस्तुत किया, डॉ. आर.के. मेहता ने कार्डियक इमरजेंसी की पहचान एवं प्रबंधन पर जानकारी दी तथा डॉ. मुकेश गर्ग ने दुर्घटना स्थल पर सुरक्षित प्राइमरी ट्रॉमा केयर एवं "सेफ एप्रोच ऑफ ट्रॉमा मैनेजमेंट" की विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम में लायंस क्लब सार्थक के पदाधिकारी एवं अनेक नागरिक उपस्थित रहे।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 26, 2026
Music Songs
0
“नमामि शम्भु शिवम्” शिव ताण्डव स्तोत्र का सरल, लयबद्ध और संगीतबद्ध हिंदी गीत-भावानुवाद है। डमरू, पखावज, नगाड़ों और शक्तिशाली पुरुष-कोरस से सजी यह प्रस्तुति भगवान शिव के रौद्र, विराट और कल्याणकारी स्वरूप को सरल भाषा में श्रोताओं तक पहुँचाने का एक विनम्र प्रयास है।
Prem Chand Dwitiya
Jul 26, 2026
व्यंग रचनाएं
1
बड़े बाबू से लेकर सोशल मीडिया के स्वयंभू विशेषज्ञों तक—यह व्यंग्य उन ‘ज्ञानचंदों’ पर करारा कटाक्ष है, जो बिना माँगे हर मौके पर राय, नुस्खे और सलाह बाँटते हैं।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 25, 2026
Darshan Shastra Philosophy
0
भागती जिंदगी, रिश्तों की भीड़ और उपलब्धियों के बीच मन क्यों सूना रह जाता है? पढ़िए और सुनिए कबीर-भाव से प्रेरित लोक–सूफ़ी भजन “बालम, आवो हमारे गेह रे” की आत्मिक यात्रा।
Pradeep Audichya
Jul 24, 2026
व्यंग रचनाएं
1
जब जीवन का धर्मयुद्ध मोबाइल स्क्रीन पर लड़ा जाने लगे और रिश्तों की पहचान लाइक-कमेंट से होने लगे, तब आधुनिक पार्थ को जगाने के लिए केशव भी नया डिजिटल ज्ञान देते हैं। पढ़िए सोशल मीडिया की आदतों पर तीखा और मनोरंजक व्यंग्य।