वक़्त का पहिया घूमे रे | समय और अभिमान पर रेट्रो बॉलीवुड दार्शनिक गीत
“वक़्त का पहिया घूमे रे” समय, सत्ता, शोहरत और अभिमान पर आधारित एक रेट्रो बॉलीवुड दार्शनिक गीत है, जिसे डॉ. मुकेश असीमित ने लिखा है और AI Music Platform पर संगीतबद्ध किया गया है।
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“वक़्त का पहिया घूमे रे” समय, सत्ता, शोहरत और अभिमान पर आधारित एक रेट्रो बॉलीवुड दार्शनिक गीत है, जिसे डॉ. मुकेश असीमित ने लिखा है और AI Music Platform पर संगीतबद्ध किया गया है।
गंगापुर सिटी में अपना घर सेवा समिति द्वारा लायंस क्लब सार्थक के सहयोग से आयोजित CPR प्रशिक्षण, प्राइमरी ट्रॉमा केयर एवं कार्डियक इमरजेंसी मैनेजमेंट विषयक जनजागरूकता कार्यक्रम में चिकित्सकों ने आमजन को जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। डॉ. रवि गुप्ता ने डमी पर लाइव CPR डेमो प्रस्तुत किया, डॉ. आर.के. मेहता ने कार्डियक इमरजेंसी की पहचान एवं प्रबंधन पर जानकारी दी तथा डॉ. मुकेश गर्ग ने दुर्घटना स्थल पर सुरक्षित प्राइमरी ट्रॉमा केयर एवं "सेफ एप्रोच ऑफ ट्रॉमा मैनेजमेंट" की विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम में लायंस क्लब सार्थक के पदाधिकारी एवं अनेक नागरिक उपस्थित रहे।
“नमामि शम्भु शिवम्” शिव ताण्डव स्तोत्र का सरल, लयबद्ध और संगीतबद्ध हिंदी गीत-भावानुवाद है। डमरू, पखावज, नगाड़ों और शक्तिशाली पुरुष-कोरस से सजी यह प्रस्तुति भगवान शिव के रौद्र, विराट और कल्याणकारी स्वरूप को सरल भाषा में श्रोताओं तक पहुँचाने का एक विनम्र प्रयास है।
बड़े बाबू से लेकर सोशल मीडिया के स्वयंभू विशेषज्ञों तक—यह व्यंग्य उन ‘ज्ञानचंदों’ पर करारा कटाक्ष है, जो बिना माँगे हर मौके पर राय, नुस्खे और सलाह बाँटते हैं।
भागती जिंदगी, रिश्तों की भीड़ और उपलब्धियों के बीच मन क्यों सूना रह जाता है? पढ़िए और सुनिए कबीर-भाव से प्रेरित लोक–सूफ़ी भजन “बालम, आवो हमारे गेह रे” की आत्मिक यात्रा।
जब जीवन का धर्मयुद्ध मोबाइल स्क्रीन पर लड़ा जाने लगे और रिश्तों की पहचान लाइक-कमेंट से होने लगे, तब आधुनिक पार्थ को जगाने के लिए केशव भी नया डिजिटल ज्ञान देते हैं। पढ़िए सोशल मीडिया की आदतों पर तीखा और मनोरंजक व्यंग्य।
“फट जाएंगे” एक मनोरंजक लेकिन प्रभावशाली एंटी-स्मोकिंग रैप गीत है, जो हास्य, व्यंग्य और बॉलीवुड गिटार संगीत के माध्यम से युवाओं को सिगरेट एवं निकोटीन की लत से बचने का संदेश देता है। डॉ. मुकेश असीमित द्वारा लिखित यह गीत स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संस्थाओं और नो-टोबैको अभियानों के लिए एक उपयोगी जनजागरूकता प्रस्तुति है।
“तेरी बातें” प्रेम, अपनापन और किसी प्रिय व्यक्ति की आवाज़ से मिलने वाले सुकून को समर्पित एक मधुर हिंदी रोमांटिक गीत है। पढ़िए इसकी रचना-कथा, संगीत शैली और संपूर्ण गीत के बोल।
डॉक्टर्स डे विशेष गीत “हमें इंसान बने रहने दो” सफेद कोट के पीछे छिपे डॉक्टर के संघर्ष, संवेदना, त्याग और मानवीय भावनाओं को अभिव्यक्त करता है।
"चुप हैं जनता..." एक मौलिक हिंदी राजनीतिक व्यंग्य गीत है जो महँगाई, बेरोज़गारी, चुनावी वादों और आम आदमी की आवाज़ को लोकधुन, फोक-पॉप और प्रोटेस्ट रैप के माध्यम से प्रस्तुत करता है।