हम भी अगर जेन‑ज़ी होते: क्रांति, रील, मस्ती और नई पीढ़ी का गीत
जेन‑ज़ी के खिलंदड़ेपन, संघर्ष, रील संस्कृति और क्रांति में भी मस्ती व रोमांस खोजने के जज़्बे को समर्पित मौलिक हिंदी गीत की कहानी, संगीत शैली और संपूर्ण बोल।
लेखक का नाम: डॉ. मुकेश गर्ग निवास स्थान: गंगापुर सिटी, राजस्थान पिन कोड -३२२२०१ मेल आई डी -thefocusunlimited€@gmail.com पेशा: अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ लेखन रुचि: कविताएं, संस्मरण, व्यंग्य और हास्य रचनाएं प्रकाशित पुस्तक “नरेंद्र मोदी का निर्माण: चायवाला से चौकीदार तक” (किताबगंज प्रकाशन से ) काव्य कुम्भ (साझा संकलन ) नीलम पब्लिकेशन से काव्य ग्रन्थ भाग प्रथम (साझा संकलन ) लायंस पब्लिकेशन से अंग्रेजी भाषा में-रोजेज एंड थोर्न्स -(एक व्यंग्य संग्रह ) नोशन प्रेस से –गिरने में क्या हर्ज है -(५१ व्यंग्य रचनाओं का संग्रह ) भावना प्रकाशन से प्रकाशनाधीन -व्यंग्य चालीसा (साझा संकलन ) किताबगंज प्रकाशन से देश विदेश के जाने माने दैनिकी,साप्ताहिक पत्र और साहित्यिक पत्रिकाओं में नियमित रूप से लेख प्रकाशित सम्मान एवं पुरस्कार -स्टेट आई एम ए द्वारा प्रेसिडेंशियल एप्रिसिएशन अवार्ड ”
जेन‑ज़ी के खिलंदड़ेपन, संघर्ष, रील संस्कृति और क्रांति में भी मस्ती व रोमांस खोजने के जज़्बे को समर्पित मौलिक हिंदी गीत की कहानी, संगीत शैली और संपूर्ण बोल।
“पहाड़-सा हौसला” एक प्रेरणादायक हिंदी Folk-Rock गीत है, जो संघर्ष, साहस, आत्मविश्वास और निरंतर आगे बढ़ते रहने की शक्ति को पर्वत और नदी के सुंदर रूपकों में प्रस्तुत करता है।
पेपर लीक के विरोध से शुरू हुई ज़ेन ज़ी की किरांति एक इस्तीफ़े के बाद होटल की पार्टी तक पहुँच गई। मगर क्या मंत्री का त्यागपत्र मिलते ही व्यवस्था सुधर गई, भ्रष्टाचार समाप्त हो गया और विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो गया? नई पीढ़ी की आंदोलन-शैली, रील, वाइब, वाटर कैनन और रिज़ाइन-पार्टी पर चुटीला व्यंग्य।
“वक़्त का पहिया घूमे रे” समय, सत्ता, शोहरत और अभिमान पर आधारित एक रेट्रो बॉलीवुड दार्शनिक गीत है, जिसे डॉ. मुकेश असीमित ने लिखा है और AI Music Platform पर संगीतबद्ध किया गया है।
गंगापुर सिटी में अपना घर सेवा समिति द्वारा लायंस क्लब सार्थक के सहयोग से आयोजित CPR प्रशिक्षण, प्राइमरी ट्रॉमा केयर एवं कार्डियक इमरजेंसी मैनेजमेंट विषयक जनजागरूकता कार्यक्रम में चिकित्सकों ने आमजन को जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। डॉ. रवि गुप्ता ने डमी पर लाइव CPR डेमो प्रस्तुत किया, डॉ. आर.के. मेहता ने कार्डियक इमरजेंसी की पहचान एवं प्रबंधन पर जानकारी दी तथा डॉ. मुकेश गर्ग ने दुर्घटना स्थल पर सुरक्षित प्राइमरी ट्रॉमा केयर एवं "सेफ एप्रोच ऑफ ट्रॉमा मैनेजमेंट" की विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम में लायंस क्लब सार्थक के पदाधिकारी एवं अनेक नागरिक उपस्थित रहे।
“नमामि शम्भु शिवम्” शिव ताण्डव स्तोत्र का सरल, लयबद्ध और संगीतबद्ध हिंदी गीत-भावानुवाद है। डमरू, पखावज, नगाड़ों और शक्तिशाली पुरुष-कोरस से सजी यह प्रस्तुति भगवान शिव के रौद्र, विराट और कल्याणकारी स्वरूप को सरल भाषा में श्रोताओं तक पहुँचाने का एक विनम्र प्रयास है।
भागती जिंदगी, रिश्तों की भीड़ और उपलब्धियों के बीच मन क्यों सूना रह जाता है? पढ़िए और सुनिए कबीर-भाव से प्रेरित लोक–सूफ़ी भजन “बालम, आवो हमारे गेह रे” की आत्मिक यात्रा।
“फट जाएंगे” एक मनोरंजक लेकिन प्रभावशाली एंटी-स्मोकिंग रैप गीत है, जो हास्य, व्यंग्य और बॉलीवुड गिटार संगीत के माध्यम से युवाओं को सिगरेट एवं निकोटीन की लत से बचने का संदेश देता है। डॉ. मुकेश असीमित द्वारा लिखित यह गीत स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संस्थाओं और नो-टोबैको अभियानों के लिए एक उपयोगी जनजागरूकता प्रस्तुति है।
“तेरी बातें” प्रेम, अपनापन और किसी प्रिय व्यक्ति की आवाज़ से मिलने वाले सुकून को समर्पित एक मधुर हिंदी रोमांटिक गीत है। पढ़िए इसकी रचना-कथा, संगीत शैली और संपूर्ण गीत के बोल।
डॉक्टर्स डे विशेष गीत “हमें इंसान बने रहने दो” सफेद कोट के पीछे छिपे डॉक्टर के संघर्ष, संवेदना, त्याग और मानवीय भावनाओं को अभिव्यक्त करता है।