डॉ मुकेश 'असीमित'
Nov 3, 2025
India Story
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“कप्तानों से बढ़कर, यह जीत उन सपनों की है जो साथ दौड़ते हैं—एक राग, एक भारत।”
“जब विविध सुर मिलते हैं, जीत का आलाप अपने आप जन्म लेता है—भारत विश्वविजेता।”
“साहस, संयम और संगति—इन्हीं तीन रंगों से तिरंगा ट्रॉफी छू लेता है।”
Wasim Alam
Aug 16, 2025
लघु कथा
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"15 अगस्त के उत्सव में झंडे लहरा रहे थे, गीत बज रहे थे, लेकिन गांधी मैदान के किनारे नंगे पाँव बच्चे लकड़ी समेट रहे थे। उनके चेहरों पर डर और भूख लिखी थी। असली आज़ादी तब होगी जब बच्चे छत के लिए लकड़ी नहीं, सपनों के लिए कलम तलाशेंगे।"
Neha Jain
Aug 14, 2025
Blogs
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भारत माँ को लिखी बेटी की भावनात्मक चिट्ठी, जिसमें अतीत के गौरवशाली भारत और वर्तमान की विडंबनाओं का तुलनात्मक चित्रण है। वीरता, सांस्कृतिक सौहार्द और नैतिक मूल्यों से लेकर आज के स्वार्थ, भ्रष्टाचार और नैतिक पतन तक की यात्रा का मार्मिक बयान।
Meenakshi Anand
Jun 25, 2025
Poems
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यहकविता मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, बलिदान और गौरव की भावना को दर्शाती है। हिमालय से सागर तक फैली इस पुण्यभूमि को नमन करते हुए व्यक्ति की भक्ति और भारत माता की आभा इस चित्र को भावपूर्ण बनाती है।