वंदे मातरम के 150 वर्ष: एक गीत नहीं, राष्ट्र-धड़कन का उत्सव

डॉ मुकेश 'असीमित' Dec 15, 2025 Culture 0

वंदे मातरम कोई साधारण गीत नहीं है—यह वह ध्वनि है जो कभी कोड़ों की मार के बीच भी गूंजती थी और आज बहसों के शोर में दबाई जा रही है। इसके 150 वर्ष हमें यह याद दिलाते हैं कि राष्ट्र केवल सीमाओं से नहीं, स्मृतियों से बनता है।

स्वाभिमान का स्वर: 150 वर्ष वंदे मातरम्

डॉ मुकेश 'असीमित' Nov 11, 2025 Important days 0

“वंदे मातरम् केवल दो शब्द नहीं, एक दीर्घ श्वास है जो इस उपमहाद्वीप की नसों में आज भी बहती है। डेढ़ सदी बाद भी यह गीत हमें याद दिलाता है कि भारत केवल भौगोलिक रेखाओं का जोड़ नहीं, एक जीवित अनुभूति है। यह गीत राजनीति से ऊपर उठकर नागरिक-धर्म का गान है — एक ऐसा धर्म जो मनुष्यता को श्रेष्ठ मानता है, और मातृभूमि को ‘भूमि’ से ‘मां’ बना देता है।”