डिजिटल लत और परिवारों के बिखरते ताने-बाने
भारत में डिजिटल क्रांति ने जहां अवसर दिए, वहीं एक नई चुनौती भी खड़ी कर दी—डिजिटल लत। यह लेख बताता है कि कैसे स्क्रीन के बढ़ते समय ने बच्चों, रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है।
भारत में डिजिटल क्रांति ने जहां अवसर दिए, वहीं एक नई चुनौती भी खड़ी कर दी—डिजिटल लत। यह लेख बताता है कि कैसे स्क्रीन के बढ़ते समय ने बच्चों, रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है।
बीमारी से ज्यादा थका देने वाला होता है रिश्तेदारों का हाल-चाल महाकुंभ—जहाँ हर कोई डॉक्टर भी है, जज भी और जांच अधिकारी भी।
अचानक मिला पैसा क्या सच में वरदान होता है, या वह इंसान की नैतिक नींव को भी हिला देता है? छप्पर फाड़ के एक ऐसी फ़िल्म है, जो हँसाते-हँसाते आपको अपने भीतर झाँकने पर मजबूर कर देती है—बिना उपदेश दिए, सिर्फ़ सवाल छोड़कर।