मैं झूठ की तलाश में हूँ-कविता रचना

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 25, 2025 हिंदी कविता 4

यह कविता एक खोज है उस झूठ की, जिसे हमने सच मान लिया—जिसे प्रार्थनाओं, राष्ट्रगान, टीवी बहसों और भावनाओं में पवित्रता की तरह सजाया गया। यह झूठ अब विश्वास से अधिक विश्वसनीय हो गया है, और सत्य को दरकिनार कर चुका है।