थानेदार का वादा

Ram Kumar Joshi Dec 29, 2025 व्यंग रचनाएं 1

हर विदेशी—चाहे इंसान हो या बोतल—धीरे-धीरे अंदर तक मार करता है।” “शराब बदबू नहीं, गंध कहलाती है—यह सरकारी मान्यता प्राप्त पेय पदार्थ है।” “पुलिस थाने में संभ्रांत वर्ग की औकात बस इतनी ही होती है।” “आम आदमी की सेवार्थ—यह पंक्ति सिर्फ़ बोर्ड पर लिखी जाती है, दिल में नहीं।”

रायता पुराण : रायता फ़ैल गया

डॉ मुकेश 'असीमित' Sep 3, 2025 व्यंग रचनाएं 2

“रायतपुराण” भोजन-संस्कृति का हास्य-व्यंग्यात्मक आख्यान है। सागर-मंथन से जन्मा यह दधि-व्यंजन कभी पंगत का गौरव था, तो आज बुफ़े की प्लेट के कोने में सहमा पड़ा है। कभी भूखे बारातियों का उद्धार करता, तो कभी फूफा के हाथों विवादों में फैलाया जाता। अब यह थालियों से निकलकर सोशल मीडिया की दीवारों पर अफ़वाहों और राजनीति का प्रतीक बन चुका है।