तेरा लाल मां तुझे पुकारे

Vidya Dubey Oct 4, 2025 हिंदी कविता 2

कविता “तेरा लाल मां तुझे पुकारे” मां और पुत्र के भावनात्मक रिश्ते का सुंदर चित्र है। इसमें भक्त पुत्र अपने लाल वस्त्रों, फूलों, चुनरिया और माला के साथ मां से विनती करता है कि वह अपने नौ रूपों में आकर उसका जीवन प्रकाशमय करे। भक्ति, प्रेम और समर्पण से भरी यह कविता मां और भक्त के आत्मिक संवाद की मधुर प्रस्तुति है।

दोस्त बदल गए हैं यार-कविता रचना

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 4, 2025 Poems 2

समय की धारा में बहते हुए रिश्तों का यह मार्मिक चित्रण है — जहाँ कभी हँसी-ठिठोली, सपनों की साझेदारी और चाय की चौपाल थी, वहाँ अब दिखावटी पोस्ट और व्यस्तताएँ हैं। 'दोस्त बदल गए हैं यार' न केवल एक वाक्य है, बल्कि एक पीढ़ी की सामूहिक टीस है, जो अपनी जड़ों की तलाश में आज भी पलटकर देखती है।