वनों की फरियाद

Dr. Mulla Adam Ali Jun 23, 2025 Blogs 0

न कर छेड़खानी तू धरती से प्यारे, ये पेड़ हैं जीवन के सच्चे सहारे। नदियों की धारा, पवन की रवानी, सब कहते हैं — “मत कर बेइमानी।”   हरियाली ओढ़े ये धरती सुहानी, तेरे ही कल की है ये राजधानी। फूलों की हँसी, पंछियों की ज़बानी, चुपचाप कहती है — “न कर मनमानी।”   जब […]