‘ परिस्तिथी ‘ Hindi Kavita-Mahadev Premi Mahadev Prashad Premi July 28, 2021 Hindi poems 0 Comments कहा जाता है समय और परिस्थिति सदैव पक्ष में हो ज़रूरी नहीं!हमारा नज़रिया जैसा होता है व्यवहार भी उसी तरह का होने लगता है |… Spread the love
तैरना नहीं आता -कविता हिंदी-रचियता महादेव प्रेमी Mahadev Prashad Premi July 28, 2021 Hindi poems 0 Comments एस अकबरी ने कहा है की तैरना नहीं आता तुम्हे और इल्जाम पानी पर लगाते हो. कविता के माध्यम से लेखक ने इस सांकेतिक भाषा… Spread the love