लिख के ले लो यार ..हास्य व्यंग्य रचना
हर मोहल्ले में एक ‘भविष्यवक्ता अंकल’ होते हैं—जो हर शुभ कार्य में अमंगल ढूँढने को व्याकुल रहते हैं। उनकी ज़ुबान पर एक ही ब्रह्मवाक्य रहता है—“लिख के ले लो!” ये आत्ममुग्ध, आशंकित और नकारात्मकता के सर्टिफाइड वितरक होते हैं, जो खुशखबरी को अपशकुन मानते हैं।