ग्रहण : आत्मचिंतन की छाया में सूर्य और चंद्र

डॉ मुकेश 'असीमित' Sep 8, 2025 Culture 0

ग्रहण केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि भीतर की छाया का प्रतीक है। राहु हमारे मन और ज्ञान दोनों को ग्रसने की कोशिश करता है — कभी भावनाएँ मलिन करता है, कभी विवेक धुँधला। सूर्य और चंद्र की यह लीला हमें आत्मचिंतन सिखाती है: छाया चाहे गहरी हो, प्रकाश लौटता अवश्य है।