“गाँवो में दिखता” हिंदी कविता महादेव प्रेमी रचित

गाँवो में दिखता शीर्षक कविता गाँव के परिद्रश्य को दर्शाती ,आज भी गाँवो को शहरो से श्रेष्ठ होने का आभास कराती है.