सुविधा या सत्य : कमजोरियों की रक्षा और आत्म-सम्मान की कीमत
मनुष्य अक्सर अपनी कमजोरियों को पहचानने के बजाय उन्हें बचाने में अधिक ऊर्जा लगा देता है। सुविधा और स्वीकृति के लिए किया गया हर समझौता धीरे-धीरे आत्म-सम्मान को कमजोर करता है। वास्तविक शक्ति तब जन्म लेती है जब हम अपनी कमजोरियों को स्पष्ट रूप से स्वीकार करके सत्य का मार्ग चुनते हैं।
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