डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 15, 2026
Music Songs
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आधुनिक जीवन के शोर, तनाव और निरंतर भागदौड़ के बीच “Sufi Soul Echoes” अपने भीतर लौटने का एक सांगीतिक आमंत्रण है। कबीर और बुल्ले शाह की कालातीत सूफ़ी चेतना को deep ambient textures, meditative vocals और आधुनिक electronic soundscapes के साथ प्रस्तुत करती यह अनूठी रचना मन को स्थिरता, आत्मिक शांति और गहरे ध्यान की ओर ले जाती है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 15, 2026
Music Songs
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पिता के प्रेम, त्याग, विश्वास और संस्कारों को समर्पित एक भावपूर्ण गीत।इस भावपूर्ण गीत का संगीतमय रूप हमारे YouTube चैनल पर उपलब्ध है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 14, 2026
Culture
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बच्चों को Good Touch, Safe Touch और Bad Touch की सरल जानकारी देने वाला जागरूकता गीत। Parents, Teachers और Schools के लिए उपयोगी Child Safety Awareness Campaign।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 13, 2026
Music Songs
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भारत की मातृभूमि, नदियों, खेतों, पर्वतों और प्राकृतिक सौंदर्य को समर्पित ‘वंदे मातरम्’ की मूल भावना का सरल हिंदी में गीतात्मक रूपांतरण। इस भावपूर्ण देशभक्ति गीत के बोल पढ़ें और इसकी संगीतमय प्रस्तुति YouTube पर सुनें।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 13, 2026
Lifestyle
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शब्दों में व्यंग्य, सुरों में संवेदना और रचनाओं में अपने समय की धड़कन—‘Dr. Mukesh Aseemit Creations’ साहित्य, मौलिक संगीत, कविता, भक्ति और सामाजिक चिंतन का एक रचनात्मक YouTube मंच है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 4, 2026
कहानी
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सड़क चौड़ी करने की सरकारी मुहिम में एक टीन की छोटी दुकान उजड़ जाती है। उसके साथ बिखर जाते हैं एक विधवा माँ के सपने, दो पढ़े-लिखे बेरोज़गार बेटों की उम्मीदें और वर्षों की मेहनत। यह व्यंग्य विकास के नाम पर होने वाले मानवीय विस्थापन की संवेदनशील पड़ताल है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jul 1, 2026
News and Events
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डॉक्टर्स डे के अवसर पर आईएमए गंगापुर सिटी ने सेवा एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए। 11 टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट वितरित की गई, 11 पौधों का वृक्षारोपण किया गया और फन क्रिकेट मैच का आयोजन हुआ।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jun 29, 2026
व्यंग रचनाएं
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बजट आया, बसंत आया, सत्ता ने इसे बहार कहा, विपक्ष ने पतझड़ और आम आदमी ने अपनी खाली थाली देखी। इसी बीच राष्ट्रपति भवन में दिवंगत कवियों का काल्पनिक महासम्मेलन सजता है, जहाँ हर कवि अपने अंदाज़ में बजट का हिसाब पूछता है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jun 24, 2026
Blogs
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“कैसे चुप रहूँ मैं” अन्याय, भ्रष्टाचार और सामाजिक उदासीनता के विरुद्ध उठी एक शक्तिशाली जनचेतना की आवाज़ है। डॉ. मुकेश असीमित द्वारा रचित यह देशभक्ति गीत सत्य, साहस, नागरिक जिम्मेदारी और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देता है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Jun 23, 2026
व्यंग रचनाएं
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बरसात में कोचिंग के तहखाने पानी से भर जाते हैं, गर्मी में बंद इमारतें आग का गोला बन जाती हैं और जर्जर स्कूलों की छतें बच्चों के सिर पर गिरती हैं। दुर्घटना के बाद मुआवजा, बयान और जाँच समिति तैयार मिलते हैं—सिर्फ जवाबदेही नहीं मिलती। इसी संवेदनहीन व्यवस्था पर करारा प्रहार है व्यंग्य रचना—“राम, बाहर तो निकल!”