Dr Shailesh Shukla
May 3, 2026
शोध लेख/विमर्श
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हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की यात्रा केवल समाचारों का इतिहास नहीं, बल्कि तकनीकी विकास, सामाजिक परिवर्तन और विचारों के विस्तार की जीवंत गाथा है—जो आज कृत्रिम बुद्धि के युग तक पहुँच चुकी है।
Dr Shailesh Shukla
May 3, 2026
शोध लेख/विमर्श
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हिंदी पत्रकारिता में कृत्रिम मेधा का प्रवेश केवल तकनीकी परिवर्तन नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक, भाषिक और नैतिक चुनौती भी है। यह लेख इसी बदलाव के प्रभावों का गंभीर विवेचन करता है।
Dr Shailesh Shukla
Apr 28, 2026
India Story \बात अपने देश की
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1826 के उदन्त मार्तण्ड से लेकर डिजिटल और AI युग तक हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की यात्रा, संघर्ष, विकास और चुनौतियों का विस्तृत विश्लेषण।
Dr Shailesh Shukla
Mar 26, 2026
Culture
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आज का बच्चा कहानियों से नहीं, एल्गोरिद्म से सीख रहा है।
क्या हम सुविधा के नाम पर उसके भावनात्मक विकास से समझौता कर रहे हैं?
Dr Shailesh Shukla
Mar 24, 2026
शोध लेख/विमर्श
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कृत्रिम मेधा शिक्षा को तेज़, व्यक्तिगत और सुलभ बना रही है, लेकिन इसके साथ ही रचनात्मकता, नैतिकता और समानता जैसी चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं। इस बदलते दौर में शिक्षक की भूमिका समाप्त नहीं, बल्कि और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है—एक मार्गदर्शक और संवेदनशील निर्माता के रूप में।
Dr Shailesh Shukla
Mar 23, 2026
शोध लेख/विमर्श
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उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। 2000 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृति, हजारों इकाइयों को सहायता और उच्च स्ट्राइक रेट के साथ यह मॉडल न केवल आर्थिक विकास बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का भी प्रतीक बनकर उभरा है।
Dr Shailesh Shukla
Mar 22, 2026
शोध लेख/विमर्श
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क्या कारण है कि उत्तर प्रदेश का विकास मॉडल आज पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है? आर्थिक प्रगति, निवेश, अवसंरचना और प्रशासनिक सुधारों का यह समन्वित मॉडल विकास की नई परिभाषा प्रस्तुत करता है।
Dr Shailesh Shukla
Mar 20, 2026
शोध लेख/विमर्श
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कृत्रिम मेधा (AI) ने युद्ध की परिभाषा बदल दी है। साइबर हमले अब केवल तकनीकी खतरे नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यह लेख साइबर युद्ध के बदलते स्वरूप, भारत की स्थिति और एआई की दोधारी भूमिका पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Mar 17, 2026
Darshan Shastra Philosophy
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“यहाँ समय केवल गिना नहीं जाता, समझा भी जाता है—भारतीय पंचांग इसी जीवंत विज्ञान का प्रमाण है।”“चंद्र और सूर्य के संतुलन में बसता है भारतीय कालज्ञान—जहाँ तिथि भी बदलती है और सोच भी।”
डॉ मुकेश 'असीमित'
Mar 14, 2026
People
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कबीर एक नहीं, अनेक रूपों में हमारे सामने आते हैं—पाठ्यक्रमों में, लोकगीतों में, राजनीतिक विमर्शों में। पर असली कबीर वही है जो काशी का जुलाहा है, जिसकी भाषा में करघे की खनक है और प्रश्नों की धार। वह मंदिर और मस्जिद दोनों से एक ही सवाल पूछता है—राह कहाँ है?