Dr Shailesh Shukla
Apr 23, 2026
Agriculture/environment
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21वीं सदी में जहाँ तकनीकी प्रगति नई ऊँचाइयों को छू रही है, वहीं अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि विकास के मॉडल को अस्थिर कर रही है। यह लेख उत्तरदायी अभिभावकत्व और स्वैच्छिक जनसंख्या नियंत्रण के माध्यम से संतुलित और टिकाऊ भविष्य की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Apr 20, 2026
Health And Hospitals
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“कार्ड हाथ में है, भरोसा दिल में है—लेकिन इलाज फाइलों में अटका हुआ है। ‘खाली वायदों का कार्ड’ एक ऐसा व्यंग्य है जो स्वास्थ्य योजनाओं के पीछे छिपी सच्चाई को बेनकाब करता है।”
Dr Shailesh Shukla
Apr 19, 2026
समसामयिकी
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भारत में डिजिटल क्रांति ने जहां अवसर दिए, वहीं एक नई चुनौती भी खड़ी कर दी—डिजिटल लत। यह लेख बताता है कि कैसे स्क्रीन के बढ़ते समय ने बच्चों, रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है।
Dr Shailesh Shukla
Apr 19, 2026
समसामयिकी
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भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है, फिर भी वैश्विक रैंकिंग में वह छठे स्थान पर खिसक गई—यह विरोधाभास केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि विकास, वितरण और वास्तविक समृद्धि की गहरी कहानी है।
Dr Shailesh Shukla
Apr 13, 2026
India Story \बात अपने देश की
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भारत में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़ों के बीच एक अनदेखा लेकिन गंभीर कारण—अतिक्रमण—कैसे आम नागरिकों की जान के लिए खतरा बन चुका है, इस लेख में उसी पर गहन विश्लेषण किया गया है।
Dr Shailesh Shukla
Apr 11, 2026
India Story \बात अपने देश की
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पाँच राज्यों के 824 विधानसभा सीटों पर हो रहे चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि महँगाई, विकास और राजनीतिक बहुलवाद के बीच भारत की लोकतांत्रिक परिपक्वता की बड़ी परीक्षा हैं।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Apr 9, 2026
Foreign Affair
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ईरान, ताइवान, रूस और वेनेज़ुएला के बीच चल रहे वैश्विक तनाव के बीच भारत एक निर्णायक भूमिका में उभर रहा है, जहाँ संतुलन, रणनीति और कूटनीति ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
Dr Shailesh Shukla
Apr 5, 2026
India Story \बात अपने देश की
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सोशल मीडिया ने एक देश में कई समानांतर वास्तविकताएँ बना दी हैं
एल्गोरिद्म हमें वही दिखाते हैं जो हम देखना चाहते हैं
झूठी खबरें सच्चाई से तेज़ फैलती हैं
डिजिटल ध्रुवीकरण लोकतंत्र के लिए खतरा बन चुका है
Dr Shailesh Shukla
Mar 28, 2026
समसामयिकी
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होरमुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसके बंद होने से तेल कीमतों में भारी वृद्धि, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और विशेष रूप से ऊर्जा आयातक देशों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
Dr Shailesh Shukla
Mar 24, 2026
शोध लेख/विमर्श
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कृत्रिम मेधा शिक्षा को तेज़, व्यक्तिगत और सुलभ बना रही है, लेकिन इसके साथ ही रचनात्मकता, नैतिकता और समानता जैसी चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं। इस बदलते दौर में शिक्षक की भूमिका समाप्त नहीं, बल्कि और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है—एक मार्गदर्शक और संवेदनशील निर्माता के रूप में।