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season-based-gender-identification

ऋतु विश्ेाष में गर्भस्थ शिशु का पुत्र या पुत्री होना संयोग या सुयोग ?

पुत्र प्राप्ति के लिए सितम्बर में गर्भ धारण शुभ, पुत्री के लिए दिसम्बर।डॉ. श्रीगोपाल काबरा गर्भस्त शिशु का लिंग निर्धारण और जन्म पर पुत्र या……

Illegal Abortion

अवैध प्रसव(Illegal Abortion )-डॉ. श्रीगोपाल काबरा

अवैध प्रसवडॉ. श्रीगोपाल काबरा हमारे चिकित्सालय के नए अधीक्षक, नौसैना में सर्जन कोमोडर के पद से रिटायर हुए थे। अस्पताल में हाल ही में एक……

ionisation radiation danger

घातक आयनीकारक विकिरण (आयोनाइज़िंग रेडिएशन)-डॉ. श्रीगोपाल काबरा

घातक आयनीकारक विकिरण (आयोनाइज़िंग रेडिएशन)डॉ. श्रीगोपाल काबरा मेरी क्यूरी ने 1902 में रेडियम का आविष्कार किया। इससे गामा किरणें निकलती हैं। शरीर के आर-पार जाती……

sex diiferentiation factor

जन्म के समय लिंग अनुपात के कारक डॉ. श्रीगोपाल काबरा

जन्म के समय बच्चों में लिंग अनुपात क्या होगा, उसे निर्धारित करने वाले कौन-कौनसे कारक (डिटरमिनेन्टे) हैं? यह समझना इतना सरल नहीं है जितनासाधारणतया सोचा……

दीपक deepak hindi kavita

Deepak-Hindi poem दीपक हिंदी कविता

दीपक मिट्टी का बना हो,या सोने का,रोशनी कितनी देता है,सवाल है इस वात का,कोई धनी हो या गरीव,मुसीवत में कितना हो करीव,महत्व है इस वात……

पुष्कर स्नानः गर्भजल, जरायु और नाभिनाल

पुष्कर स्नानः गर्भजल, जरायु और नाभिनाल-Amniotic fluid,Chord and Placenta

पुष्कर स्नानः गर्भजल, जरायु और नाभिनालडॉ. श्रीगोपाल काबरानाभिनाल -शिशु को आँवल (प्लैसेन्टा) से जोड़ती है नाभिनाल। इसमें अत्यधिक बल खाई हुई दो धमनियाँ (आर्टरी) होती……

Paristhiti Hindi kavita

‘ परिस्तिथी ‘ Hindi Kavita-Mahadev Premi

कहा जाता है समय और परिस्थिति सदैव पक्ष में हो ज़रूरी नहीं!हमारा नज़रिया जैसा होता है व्यवहार भी उसी तरह का होने लगता है |……

Tairna nahi aata hindi poem

तैरना नहीं आता -कविता हिंदी-रचियता महादेव प्रेमी

एस अकबरी ने कहा है की तैरना नहीं आता तुम्हे और इल्जाम पानी पर लगाते हो. कविता के माध्यम से लेखक ने इस सांकेतिक भाषा…

rishte kavita hindi

रिश्ते -Relationship कविता हिंदी में -रचियता महादेव प्रेमी

कहते है रिश्तों की बगिया में एक रिश्ता नीम के पेड़ जैसा भी रखना, जो सीख भले ही कड़वी देता हो पर तकलीफ में मरहम…

Koyala Hindi poem

कोयला -हिंदी कविता- रचियता महादेव प्रेमी

 मनुष्य जीवन की उन्नति संगति से ही होती है। संगति से उसका स्वभाव परिवर्तित हो जाता है। संगति ही उसे नया जन्म देता है। जैसे,……