हर भाव के लिए एक गीत: Music with Mukesh की नई संगीतमय Playlists

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 2, 2026 Music Songs 0

Music with Mukesh की इन playlists को तैयार करने का उद्देश्य केवल गीतों को अलग-अलग सूची में बाँटना नहीं है। यह प्रयास हर श्रोता को उसके मन के अनुरूप संगीत तक सहजता से पहुँचाने का है।

जंतर मंतर और छूमंतर!-haasy vyangya

Prem Chand Dwitiya Aug 2, 2026 व्यंग रचनाएं 1

जंतर-मंतर केवल आंदोलनों का ठिकाना नहीं, बल्कि लोकतंत्र का ऐसा जादुई मंच है जहाँ नारों की आवाज संसद तक पहुँचती है। यहाँ कुछ आंदोलन तंत्र को बदल देते हैं, तो कुछ स्वयं छूमंतर हो जाते हैं। कॉकरोच-पार्टी से लेकर तंतर, मंतर और टाइम-आउट तक—डॉ. प्रेमचंद द्वितीय का रोचक राजनीतिक व्यंग्य।

लायंस क्लब सार्थक की निःशुल्क डायबिटीज जांच एवं आरओ जल सेवा का समापन | गंगापुर सिटी

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 2, 2026 News and Events 0

लायंस क्लब सार्थक द्वारा तीन वर्षों से संचालित निःशुल्क डायबिटीज एवं यूरिक एसिड जांच शिविर में अब तक लगभग 1200 मरीज लाभान्वित हुए हैं। साथ ही चर्च ग्राउंड पर तीन माह तक चली निःशुल्क आरओ शीतल जल सेवा का छाछ वितरण के साथ समापन किया गया।

यारों का साथ है: Friendship Day पर दोस्तों को समर्पित एक भावपूर्ण हिंदी गीत

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 1, 2026 Culture 0

“यारों का साथ है” दोस्ती, कॉलेज जीवन, हॉस्टल की यादों, road trips और वर्षों बाद होने वाले reunion को समर्पित एक मौलिक Indie Pop-Rock Friendship Anthem है। पढ़िए गीत की कहानी और संपूर्ण बोल तथा YouTube पर सुनिए पूरा गीत।

नाम बिना क्या पाया? — ‘तन माटी रो पुतला’ में निर्गुण भक्ति की पुकार

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 1, 2026 Darshan Shastra Philosophy 0

यह रचना संत कबीर की किसी मूल वाणी का शब्दशः गायन नहीं, बल्कि कबीर के निर्गुण दर्शन से प्रेरित डॉ. मुकेश असीमित की मौलिक प्रस्तुति है।नाम बिना क्या पाया? — तन माटी रो पुतला एक भावपूर्ण Kabir Nirgun Bhajan है, जो मनुष्य को धन, शरीर और सांसारिक वैभव के अभिमान से ऊपर उठकर सच्चे नाम की ओर देखने का संदेश देता है। यह fast version कबीर-भाव से प्रेरित एक मौलिक निर्गुण रचना है। गीत याद दिलाता है कि राजमहल, सोना-चाँदी, गाजे-बाजे और शरीर का अभिमान—सब यहीं रह जाता है। अंततः मनुष्य के साथ केवल उसके कर्म, भक्ति और सच्चे नाम का सहारा जाता है।

हम भी अगर जेन‑ज़ी होते: क्रांति, रील, मस्ती और नई पीढ़ी का गीत

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 30, 2026 India Story \बात अपने देश की 0

जेन‑ज़ी के खिलंदड़ेपन, संघर्ष, रील संस्कृति और क्रांति में भी मस्ती व रोमांस खोजने के जज़्बे को समर्पित मौलिक हिंदी गीत की कहानी, संगीत शैली और संपूर्ण बोल।

पहाड़-सा हौसला | राहें खुद बन जाती हैं | Powerful Hindi Motivational Folk-Rock Song 2026

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 28, 2026 Lifestyle 0

“पहाड़-सा हौसला” एक प्रेरणादायक हिंदी Folk-Rock गीत है, जो संघर्ष, साहस, आत्मविश्वास और निरंतर आगे बढ़ते रहने की शक्ति को पर्वत और नदी के सुंदर रूपकों में प्रस्तुत करता है।

मर्दानी -बड़े साहब के बाद बीबी जी और भी बड़ी निकलीं!

Ram Kumar Joshi Jul 28, 2026 व्यंग रचनाएं 1

रिश्वत कांड में बड़े साहब की मृत्यु के बाद मुआवजे, सरकारी बंगले और अनुकम्पा नियुक्ति के लिए हुए समझौते पर आधारित तीखा हिंदी व्यंग्य।

रोने वाले रोना चाहें, पर रो न पाएं!—क्राइंग क्लब और आंसुओं की कला पर व्यंग्य

Prem Chand Dwitiya Jul 28, 2026 व्यंग रचनाएं 1

लाफिंग क्लब के बाद अब क्राइंग क्लब! आधुनिक जीवन, अकेलेपन, आंसुओं और रोने की कला पर डॉ. प्रेमचंद द्वितीय का रोचक हास्य-व्यंग्य।

ज़ेन ज़ी की किरांति सफल हुई

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 27, 2026 व्यंग रचनाएं 0

पेपर लीक के विरोध से शुरू हुई ज़ेन ज़ी की किरांति एक इस्तीफ़े के बाद होटल की पार्टी तक पहुँच गई। मगर क्या मंत्री का त्यागपत्र मिलते ही व्यवस्था सुधर गई, भ्रष्टाचार समाप्त हो गया और विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो गया? नई पीढ़ी की आंदोलन-शैली, रील, वाइब, वाटर कैनन और रिज़ाइन-पार्टी पर चुटीला व्यंग्य।