डॉ मुकेश 'असीमित'
Sep 27, 2025
Darshan Shastra Philosophy
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अथर्ववेद जीवन का सबसे व्यावहारिक वेद है—जहाँ स्वास्थ्य के लिए औषधियों और मंत्रों का संगम मिलता है, रिश्तों को संवारने के सूत्र हैं, भय और नकारात्मकता से रक्षा के कवच हैं, और राष्ट्र निर्माण से लेकर ब्रह्मज्ञान तक की शिक्षाएँ हैं। यह बताता है कि असली आध्यात्मिकता भागने में नहीं, बल्कि जीवन के बीच संतुलन साधने में है। अथर्ववेद हर इंसान का साथी है—जन्म से मृत्यु तक।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Sep 27, 2025
Darshan Shastra Philosophy
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भाग 1 कल्पना कीजिए वह समय, जब हाथ में कलम नहीं, कंधों पर कथा थी; जब ज्ञान कागज़ पर नहीं, स्मृति की नसों में दौड़ता था। वही समय, वही स्वर, वही अनुगूँज है जिसे हम आज ऋग्वेद कहते हैं—ऐसी धरोहर जो लिखे जाने से पहले सुनी गई, गुनगुनाई गई, श्वासों में बसाई गई। श्रुति इसलिए […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
Sep 26, 2025
Culture
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सामवेद हमें सिखाता है कि शब्द तभी पूर्ण होते हैं जब वे सुर और लय में ढलकर कंपन बनें—वही कंपन मन को विन्यस्त करता है, ऊर्जा को संतुलित करता है और चेतना को निर्मल करता है। नाद-ब्रह्म का अर्थ है: ध्वनि ही दिव्य है; सुर से भीतर का शोर शांत होता है और मौन में अनहद नाद प्रकट होता है। जीवन को राग बनाइए—काम यज्ञ बने, संबंध उत्सव, और प्रकृति गुरु।