द्रोपदी का चीर हरण -कविता-बात-अपने-देश-की

मौन सब महारथी 

देख रहे थे सभी ।

द्रोपदी का चीर हरण

कर रहा महारथी ।।

अट्हास कर रहा 

चीर खींचता रहा ।

भीष्म द्रोण मौन थे 

दुर्योधन देख हस रहा  ।।

अश्रु आँख मे भरे 

आर्तनाद कर रही ।

कृष्ण को पुकारती 

द्रोपदी रो रही ।।

मौन थे पाण्डु सभी 

थे सभी महारथी ।

हाय हाय कर रही 

आज उनकी द्रोपदी ।।

हाय नाथ हाय नाथ 

लाज अब जा रही ।

कृष्ण ने सुनी पुकार 

चीर बढ़ती जा रही ।।

थक रहा महारथी 

सास भी उखड़ रही ।

चीर खींच न सका 

हार गया महारथी ।।

मौन हो गई सभा 

दंग रह गये सभी ।

चीर कैसे बढ़ गई 

देखते रहे सभी ।।

स्वरचित मौलिक रचना सर्वाधिकार सुरक्षित है । 

रचनाकार 

उत्तम कुमार तिवारी ” उत्तम ” 

लखनऊ

उत्तर प्रदेश 

भारत

Uttam Kumar

नाम. :- उत्तम कुमार तिवारी " उत्तम " पिता का…

नाम. :- उत्तम कुमार तिवारी " उत्तम " पिता का नाम :- स्व० पंडित देवी दयाल तिवारी माता का नाम :- स्व० श्री मती राम निहोरी तिवारी पत्नी का नाम :- श्री मती नीलम राजे तिवारी निवास :- ३४७/३६१ क पुराना टिकैत गंज पोस्ट राजा जी पुरम , लखनऊ , उ प्र पिन न० २२६०१७ सम्पर्क सूत्र :- 7452015444 शिक्षा :- परास्नातक ( विषय - समाज शास्त्र ) रुचि :- गद्य पद्य लेखन , पाठन प्रकाशन :- साझा संकलन :- अर्धपृष्ठ , कलम की ज़ुबानी , भूले बिसरे गीत , स्वभिमान , जगमगाते खद्योत , शब्दों की उड़ान , स्वाभिमान ई पत्रिका , राज श्री साहित्य अकादमी ई पत्रिका , जोहार दर्पण ई पत्रिका , अरुणीता ई पत्रिका , प्रणाम पर्यटन पत्रिका , अमर उजाला काव्य मे ३४२ रचनाओ का प्रकाशन सम्मान पत्र :- विभिन्न काव्य मंच द्वारा सम्मान पत्र ऑन लाइन मंच एवं ऑफ लाइन मंच द्वारा दूरदर्शन वन्स मोर कार्यक्रम के काव्य पाठ शिविका झरोखा डाट काम द्वारा कई बार नगद उपहार राशि प्राप्त हुई । कई देशो मे मेरी रचनाओ को पढ़ा जाता है एवं सराहा जाता है । उत्तम कुमार तिवारी "उत्तम" ३६१ " का पुराना टिकैत गंज लखनऊ पिन कोड २२६०१७

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