जीवन रक्षक स्तनपान-Life saving Breast Feeding
जीवन रक्षक स्तनपानःनए जन्मे बच्चे में रोग प्रतिरोधात्मक शक्ति नहीं होती। वातावरण में व्याप्त विषाणुओं के सम्पर्क में आने पर ही हर विशिष्ट रोगाणु और विषाणु के लिए बालक का रक्षा संस्थान प्रतिरोधात्मक शक्ति हासिल करेगा। जब तक यह हो तब तक आवश्यक है कि ये प्रतिरोधात्मक तत्त्व शिशु को माता से मिलंे। ये माता के दूध से मिलते हैं और बालक के नाज़ुक प्रारम्भिक जीवन में उसकी रक्षा करते हैं