राजेश खन्ना : सुपरस्टार से अकेलेपन तक — एक सितारे की पूरी कथा

डॉ मुकेश 'असीमित' Dec 29, 2025 Cinema Review 0

राजेश खन्ना पहले सुपरस्टार नहीं थे, वे उस दौर का नाम थे जब सिनेमा पूजा बन गया था। तालियाँ जब बहुत देर तक बजती रहें, तो आदमी शोर का आदी हो जाता है और खामोशी उसे डराने लगती है। जिसने एक बार शिखर को घर समझ लिया, वह ज़िंदगी भर मैदान को कमतर मानता रहा। काका की मुस्कान जितनी चमकदार थी, उनके भीतर का अकेलापन उतना ही गहरा।

धर्मेंद्र: वह आख़िरी देहाती शहंशाह, जो परदे पर नहीं—दिलों में बसता था

डॉ मुकेश 'असीमित' Nov 26, 2025 People 0

“धर्मेंद्र सिर्फ परदे के हीरो नहीं थे—वे देहात की माटी, रोमांस की रूह और इंसानियत की नरम धूप थे। खेतों की खुशबू, फिल्मों की चमक और सादगी की छाया में बसा यह शख़्स एक ऐसा सितारा था जो हर दिल में जिंदा रहेगा।”