विवेकानंद और आधुनिक प्रायोगिक वेदान्त की प्रासंगिकता

डॉ मुकेश 'असीमित' Oct 21, 2025 People 0

स्वामी विवेकानंद ने वेदान्त को ग्रंथों से निकालकर जीवन के प्रत्येक कर्म में उतारा — उन्होंने कहा, “यदि वेदान्त सत्य है, तो उसे प्रयोग में लाओ।” उनका “प्रायोगिक वेदान्त” हमें सिखाता है कि पूजा केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि मनुष्य की सेवा में है; ध्यान केवल मौन में नहीं, बल्कि कर्म और करुणा में है। आज जब समाज भेदभाव, स्वार्थ और मानसिक असुरक्षा से जूझ रहा है, तब विवेकानंद का यह संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है — “हर आत्मा संभावित रूप से दिव्य है; उस दिव्यता को प्रकट करना ही जीवन का लक्ष्य है।”

उठो, जागो: विवेकानंद का व्यावहारिक वेदांत—युवाओं के लिए जीवन-मंत्र

डॉ मुकेश 'असीमित' Sep 29, 2025 Darshan Shastra Philosophy 1

विवेकानंद का संदेश युवाओं को भीतर की अनंत शक्ति पहचानने, निडर होकर लक्ष्य चुनने और सेवा को पूजा मानने का आह्वान है। व्यावहारिक वेदांत बताता है—अपने कर्म को समर्पण बनाओ, हर व्यक्ति में दिव्यता देखो, और अनुशासन से मन को साधो। चार योग—कर्म, भक्ति, ज्ञान, राज—अलग रास्ते होते हुए भी एक मंज़िल तक ले जाते हैं। उठो, जागो, और तब तक मत रुको जब तक चरित्र, करुणा और कर्म एक जीवन बन न जाएँ।