डॉ मुकेश 'असीमित'
Aug 27, 2025
व्यंग रचनाएं
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गणेश चतुर्थी पर जहाँ सब गणपति की स्तुति करते हैं, वहीं उनके वाहन मूषकराज की महिमा भी अद्वितीय है। छोटे आकार में विराट शक्ति का प्रतीक मूषक राज निर्माण और विनाश दोनों का पाठ पढ़ाते हैं। राजनीति की गलियों से लेकर धर्म की रणभूमि तक, उनकी चपलता और सजगता हमें सिखाती है कि सत्य के मार्ग पर बड़ा बनने के लिए आकार नहीं, बल्कि बड़ा दिल चाहिए।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Aug 27, 2025
India Story \बात अपने देश की
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शहर में चंदागिरी का धंधा खूब फल-फूल रहा है—यह दरअसल हफ्तावसूली का ही सभ्य संस्करण है। देवी-भक्त मंडल से लेकर राम-गौ-गणेश मंडल तक सबके चूल्हे चंदे की रोटी से जलते हैं। चंदावीर साम-दाम-दंड-भेद की सनातनी तकनीक से लोगों को घेरते हैं, कभी गाय-भक्ति तो कभी आयोजन के नाम पर। राजनीति भी वोट और चंदे की संयुक्त प्राणवायु पर टिकी है।