प्रेम पाती, प्रणय निवेदन, स्वयंवर और संग्राम गंध संवाद का विलक्षण संसार -लेख डा एस जी काबरा
कोई जीव या प्राणी अपने से बाहरी जगत से संपर्क और संवाद किये बिना जीवित नहीं रह सकता। प्रकृति से संपर्क-संवाद अपना अस्तिव बनाये रखने के लिए, और प्रजाति से संवाद जीव की प्रजाति को शाश्वत बनाये रखने के लिए आवश्यक है। पढ़िए इसी सन्दर्भ में डा एस जी काबरा द्वारा लिखित लेख बात अपने देश की पर .अपने लेख विचार कविता आदि प्रकाशन के लिए संपर्क करे 8619811757 पर