डॉ मुकेश 'असीमित'
Feb 23, 2026
Self Help and Improvements
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प्रदर्शनप्रिय मन बाहरी स्वीकृति को ही जीवन का आधार बना लेता है। दिखावे की यह प्रवृत्ति भीतर की असुरक्षा को ढकने का प्रयास है। सच्ची स्वतंत्रता तब जन्म लेती है, जब हम तालियों से ऊपर उठकर अपने अंतरात्मा की स्वीकृति को महत्व देते हैं।
डॉ मुकेश 'असीमित'
Feb 22, 2026
Self Help and Improvements
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मनुष्य की असली पहचान उसके दावों से नहीं, बल्कि उसके मन में बसे विचारों, उसके चुने हुए लक्ष्यों और उसके समर्पण से बनती है। हम वही हैं, जिसे पाने के लिए हम समय और ऊर्जा अर्पित करते हैं।
Priyanka Ghumara
Jan 20, 2026
हिंदी लेख
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“जहाँ दूरी पराजय नहीं, बल्कि आत्मसम्मान की विजय बन जाए—
वहीं से रिश्तों की सच्ची परिभाषा शुरू होती है।”
डॉ मुकेश 'असीमित'
Dec 3, 2025
Important days
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दिव्यांग दिवस हमें याद दिलाता है कि मनुष्य का माप उसकी देह की सीमाओं से नहीं, उसके हृदय की ऊँचाई से होता है। जो अपूर्ण देह में भी पूर्ण आकाश लेकर चलते हैं—उनकी तेजस्विता, साहस और जीवन-संघर्ष समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। यह दिवस हमें दया नहीं, सम्मान और समानता का संकल्प देता है।