Laadu-लाडू कविता हिंदी में

Mahadev Prashad Premi Jul 22, 2021 हिंदी लेख 0

लाडू -कुंडली ६ चरण लाडू बोला गोल हु,जायके में आनंद रस से भरी जलेबिया,या खाओ कलाकंद खाओ कलाकंद की अब रसगुल्ले भी खाओ बर्फी,खीरमोहन ,इमरती चमचम भी लाओ “प्रेमी” काला जाम ,खाय है मेरा साढू साढू जैसा प्यारा सा रिश्ता लागे लाडू

मछली हिंदी कविता-महादेव प्रेमी

Mahadev Prashad Premi Jul 15, 2021 Blogs 1

“मछली”8चरण कुण्डली।मछली को एक वार में,भारी हुआ जुकाम,बार बार लगि छींकने,हाय मरी रे राम, हाय मरी रे राम,कि वगुला वैध वुलाया,चार दिना दे दवा,परहेज भी वतलाया, कठिन धूप सहकर,के जल से दूरी रखना,प्राण भले ही जायं,परहेज भूल न करना, “प्रेमी”गयी जुखाम,वाहर जल से न निकली,दिन में तारे दिखे,कि सोचन लागी मछली।