जय भारत वंदेमातरम्!वंदेमातरम्!!

जय भारत
वंदेमातरम्!वंदेमातरम्!!

भारत-जन का महा स्वरम्, वंदेमातरम्!
हर देशभक्त का प्रथम धरम्, वंदेमातरम्!
करें राष्ट्रहित में सदा शुभ करम्, वंदेमातरम्!
जनशत्रुओं को सन्निपात ज्वरम्,वंदेमातरम्!!

नमक हरामों गद्दारों की भारत में है भरमार!
डॉक्टरों के भेष में भी छिपे हैं आतंकी खूंखार!
समुचित सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय है सरकार!
देशभक्ति कर्तव्यनिष्ठा की नागरिकों से दरकार!!

समाचारों की कमीनी मंडी कड़ी कंगाल है!
झूठी खबरें यहां बहुत बड़ा बिकाऊ माल है!
बाजारू तत्व पत्रकार के रूप में दलाल हैं!
कानूनी शिकंजा क्यों नहीं!मासूम सवाल है!!

नमकहरामों ने बडी खतरनाक मनमानी कर डाली!
देश में आग लगेगी!कह-कह भयंकर आग लगा ली!
जागरूकता संग बढ़ रही वीरों की आंखों की लाली!
दोषियों को कठोर दंड देकर होगी भारत की रखवाली!!

जो जितना ज्यादा भोग रहा एशोआराम!
वो बेईमान उतना ही मचाता है कोहराम!
उनके लिए कुदरत ने लिखा है बडी बेदर्दी से!
महा भयंकर बहुत-बहुत खतरनाक अंजाम!!

दरिंदों की जिदंगी का सफर खतरनाक खूनी है!
इंसानियत विरोधी फितरत सनकी जुनूनी है!
आतंकियों की दिमागी हालत भटकी सूनी है!
कुदरती व्यवस्था जबरदस्त रूप से कानूनी है!!

Prahalad Shrimali

Prahalad Shrimali

परिचय प्रहलाद श्रीमाली जन्मः 01.02.1956, चेन्नई शिक्षाः हाई स्कूल प्रकाशन…

परिचय प्रहलाद श्रीमाली जन्मः 01.02.1956, चेन्नई शिक्षाः हाई स्कूल प्रकाशन विषयक: साहित्यिक पत्रिकाओं, समाचार पत्रों में कहानियां, लघुकथाएं, व्यंग्य एवं कविताएं प्रकाशित। राजस्थानी व्यंग्य संग्रह ‘‘आवळ कावळ’’ 1992 में प्रकाशित एवं ‘‘मारवाडी सम्मेलन, मुम्बई’’ द्वारा पुरस्कृत। . कहानी ‘उत्तरहीन’ पर जनदर्शन संस्थान, भिलाई द्वारा शिक्षणार्थ लघु वीडियो फिल्म निर्मित। कहानी ‘‘कमलजी कहानी में कला नहीं घुसाते’’ 2002 को किताबघर प्रकाशन नई दिल्ली द्वारा ‘‘आर्य स्मृति साहित्य सम्मान’’ प्राप्त। उपन्यास ‘‘पापा मुस्कुराइए ना!’’ को 2010 का ‘‘आर्य स्मृति साहित्य सम्मान’’। कहानी संग्रह ‘‘अज्ञातवास में सिद्ध’’ ‘जनसुलभ’ पेपरबैक्स द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर आमंत्रित पाण्डुलिपियों में से चयनित व प्रकाशित (2011) नवभारत टाइम्स में मनोहर श्याम जोशी के व्यंग्य टिप्पणी स्तंभ ‘मेरा भारत महान’ में कई बार पुरस्कृत। व्यंग्य संग्रह ‘‘मोती जैसी घुन‘‘ ‘सदीनामा प्रकाशन‘ कोलकाता द्वारा प्रकाशित (2012) कहानी संग्रह ‘‘मुन्ना रो रहा है! ‘‘ ‘अमरसत्य प्रकाशन‘ (किताबघर प्रकाशन का उपक्रम) (2014) राजस्थानी कहानी ' महाभारत रा अजुआळा में ' को वर्ष 2015 का ' डॉ. नृसिंह राजपुरोहित स्मृति पुरस्कार '। लघुकथा ' जिंदगी की रफ्तार ' वर्ष 2019 में ' कथादेश अखिल भारतीय हिन्दी लघुकथा प्रतियोगिता -11' में पुरस्कृत।

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