विकास की सड़क या दुर्घटना का निमंत्रण?
राजस्थान सहित देश के छोटे शहरों की टूटी सड़कें, खुले मैनहोल और प्रशासनिक लापरवाही कैसे रोज़ नागरिकों की जान जोखिम में डाल रही हैं—एक तथ्यपरक और विचारोत्तेजक लेख।
India Ki Baat
राजस्थान सहित देश के छोटे शहरों की टूटी सड़कें, खुले मैनहोल और प्रशासनिक लापरवाही कैसे रोज़ नागरिकों की जान जोखिम में डाल रही हैं—एक तथ्यपरक और विचारोत्तेजक लेख।
कबीर भजन ‘मेरा–तेरा मनुआ रे’ में अनुभव और किताबी ज्ञान का अंतर जानिए। पढ़ें इसके पदों का भावार्थ और निर्गुण फोक–रॉक संगीत-शैली का परिचय।
क्या भारत की आरक्षण व्यवस्था का लाभ सबसे जरूरतमंद नागरिकों तक पहुँच रहा है? सामाजिक न्याय, आर्थिक अभाव, अनाथ और दिव्यांग बच्चों के लिए आवश्यकता-आधारित अवसरों पर संतुलित विमर्श।
कबीर-दर्शन और निर्गुण भक्ति से प्रेरित छह भावपूर्ण गीतों की कहानी, संदेश और अलग-अलग YouTube लिंक पढ़ें तथा अंत में संपूर्ण कबीर भजन जुकबॉक्स सुनें।
लेखक किसी रचना को विचारों की प्रसव-पीड़ा सहकर जन्म देता है, शब्दों और मात्राओं से पालता-पोसता है और फिर पत्र-पत्रिका को भेज देता है। लेकिन जब वही रचना संपादक के “खेद सहित” लौट आती है, तो लेखक के मन की दशा वैसी हो जाती है जैसे मोबाइल घंटों चार्ज पर लगा हो और बाद में पता चले कि स्विच ही बंद था। साहित्यिक दुनिया की इसी विडंबना पर एक आत्मीय और चुटीला व्यंग्य।
भारतीय रेलवे आधुनिक ट्रेनों और विश्वस्तरीय स्टेशनों का दावा कर रहा है, लेकिन ट्रेन से गिरने तथा रेलवे ट्रैक पर चपेट में आने की घटनाओं में प्रतिदिन औसतन लगभग 44 लोगों की मृत्यु हो रही है। क्या केवल “चलती ट्रेन में न चढ़ें” की चेतावनी देकर रेलवे अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो सकता है?
सावन सोमवार पर सुनिए डॉ. मुकेश असीमित की नवीन शिव स्तुति “जय जय महादेवा”—पारंपरिक भक्ति, सिनेमैटिक संगीत और Bhakti Rock का शक्तिशाली संगम।
Music with Mukesh की इन playlists को तैयार करने का उद्देश्य केवल गीतों को अलग-अलग सूची में बाँटना नहीं है। यह प्रयास हर श्रोता को उसके मन के अनुरूप संगीत तक सहजता से पहुँचाने का है।
जंतर-मंतर केवल आंदोलनों का ठिकाना नहीं, बल्कि लोकतंत्र का ऐसा जादुई मंच है जहाँ नारों की आवाज संसद तक पहुँचती है। यहाँ कुछ आंदोलन तंत्र को बदल देते हैं, तो कुछ स्वयं छूमंतर हो जाते हैं। कॉकरोच-पार्टी से लेकर तंतर, मंतर और टाइम-आउट तक—डॉ. प्रेमचंद द्वितीय का रोचक राजनीतिक व्यंग्य।
लायंस क्लब सार्थक द्वारा तीन वर्षों से संचालित निःशुल्क डायबिटीज एवं यूरिक एसिड जांच शिविर में अब तक लगभग 1200 मरीज लाभान्वित हुए हैं। साथ ही चर्च ग्राउंड पर तीन माह तक चली निःशुल्क आरओ शीतल जल सेवा का छाछ वितरण के साथ समापन किया गया।