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Author: Mahadev Prashad Premi

साहित्यिक नाम-महादेव प्रेमी जन्म स्थान-ग्राम परीता स्थाई पता- संजय कालोनी गर्ग होस्पीटल गंगापुर सिटी ,स0 मा0 (राज0)322201 मोबाईल 9667627720 संप्रति:चिकित्सा कर्मी कार्य क्षेत्र:चिकित्सा कार्य लेखन विधा-गजल,गीत,कविता और पहेली लेखन आदि प्रकाशन:(1)”बूझोबल” पहेली संग्रह प्राप्त सम्मान:कई सामाजिक व साहित्यिक सम्मान प्राप्त लेखनी उद्देश:सामाजिक विसंगतियों पर लिखना प्रेरणा पुञ्ज:स्वयम एवम अन्य लेखक रुचियां: साहित्य लेखन/अध्यापन
Koyala Hindi poem

कोयला -हिंदी कविता- रचियता महादेव प्रेमी

 मनुष्य जीवन की उन्नति संगति से ही होती है। संगति से उसका स्वभाव परिवर्तित हो जाता है। संगति ही उसे नया जन्म देता है। जैसे,……

Chinta kavita hindi

Chinta -चिंता हिंदी कविता-रचियता-महादेव प्रेमी

 चिंता की एक बहुत ही उपयुक्चित व्याख्या विकिपीडिया से ली गयी है “एक भविष्य उन्मुख मनोदशा है, जिसमें एक व्यक्ति आगामी नकारात्मक घटनाओं का सामना……

Jubaan ko samet kar -hindi kavita

‘ जुवान को समेट कर रखें ‘-Hindi poem

‘ जुवान को समेट कर रखें ‘ जुवान पर लगाम औरफलों में आम,ये श्रेष्ठ माने जाते है, किसी ने क्या खूव कहा है,लम्वा धागा और……

uthana नहीं हिंदी कविता

‘उठाना नहीं’ Hindi Kavita Poem अतुकांत कविता-Mahadev Premi

‘उठाना नहीं‘ जिन्दगी का एक सीधा सा गणित याद रखो, जहाँ कदर नहीं,वहां जाना नहीं, जो पचता नहीं,उसे खाना नहीं, और जो सच वोलने पर……

sapna ban jaaye hindi kavita

सपना बन जाए-हिंदी कविता

कोई खुशियों की चाह में रोया,कोई दु:खों की परवाह में रोया,अजीव सिलसिला है इस जिंदगी का,कोई भरोसे के लिए रोया,कोई भरोसा करके रोया,कभी कोई जिन्दगी……

ladu kavita poem in Hindi

Laadu-लाडू कविता हिंदी में

लाडू -कुंडली ६ चरण लाडू बोला गोल हु,जायके में आनंद रस से भरी जलेबिया,या खाओ कलाकंद खाओ कलाकंद की अब रसगुल्ले भी खाओ बर्फी,खीरमोहन ,इमरती……

atankvad poem hindi

आतंकवाद कविता -रचियता महादेव प्रेमी

आतंक वाद।आतंक वाद से पीडित,ज्यादा भारत देश,इसी देश की संस्कृति,देती हर संदेश,देती हर संदेश,और हर सुविधा देते,जिस थाली में खांय,उसे छेदों से भरते,“प्रेमी”लव जेहाद से,वहुत……

मछली हिंदी पोएम

मछली हिंदी कविता-महादेव प्रेमी

“मछली”8चरण कुण्डली।मछली को एक वार में,भारी हुआ जुकाम,बार बार लगि छींकने,हाय मरी रे राम, हाय मरी रे राम,कि वगुला वैध वुलाया,चार दिना दे दवा,परहेज भी……

Karma-poem-Hindi

“कुण्डली” 6चरण “कर्म”_हिंदी कविता महादेव “प्रेमी “

कर्म गठरिया लाद कर,जग फिर है इन्सान,जैसा कर वैसा भरे,विधि का यही विधान,विधि का यही विधान,कर्म से सव कुछ आवै,दुख से बदले सुख,सभीविपदा टल जावै,कर्म……

Newspaper (अखवार ) poem-Hindi poem

“कुण्डली” 6चरण “अखवार”-रचियता -महादेव “प्रेमी”-Newspaper Reading Poem

“कुण्डली”6चरण।“अखवार”अखवार प्रात ही घरपर,ले आता समचार,हिंसा चोरी लूट हो,होवे अत्याचार।होवे अत्याचार,सुसाइड वलत्कार हो।खूव फजीती होय,जो नेता भृष्टखोर हो,राजनीति की चाल,से काम करे सरकार,देश विदेशी खवर,सव……