अधगल गगरी छलकत जाए-हास्य-व्यंग्य

Vivek Ranjan Shreevastav Jul 5, 2025 व्यंग रचनाएं 2

आज की डिजिटल दुनिया में अधजल गगरी का छलकना नए ट्रेंड का प्रतीक बन गया है। सोशल मीडिया पर ज्ञान कम और आत्मविश्वास ज़्यादा दिखाई देता है। व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी, ट्विटर वॉरियर्स और इंस्टाग्राम फिलॉसफर — सभी अधूरे ज्ञान से ज़ोरदार शोर करते हैं, जबकि असल ज्ञानी मौन रहते हैं।

“वर्चुअल पूजा वाली बहुएं”-हास्य-व्यंग्य

Vivek Ranjan Shreevastav Jul 1, 2025 Blogs 0

आधुनिक भारतीय परिवारों में उभरती वर्चुअल पूजा की परंपरा को दर्शाता है, जहाँ सास और बहू तकनीक के माध्यम से पूजा में जुड़ी हैं — एक संस्कृति और टेक्नोलॉजी का मिलन।