अफ़सर अवकाश पर है-हास्य-व्यंग्य रचना

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 21, 2025 व्यंग रचनाएं 0

सरकारी दफ़्तरों की असलियत पर यह व्यंग्य कटाक्ष करता है—जहाँ अफ़सर तनख़्वाह तो छुट्टियों की लेते हैं, पर काम के नाम पर बहानेबाज़ी ही उनका असली हुनर है। दफ़्तर का बोर्ड "साहब अवकाश पर हैं" एक स्थायी सच बन चुका है। अवकाश-प्रेम की यह आदत अब दफ़्तर की गलियों में लोककथा बन गई है, जहाँ छुट्टियाँ ही मोक्ष हैं और काम केवल ‘सुविधा शुल्क’ से जुड़ा हुआ कर्म।

ट्रेडमिल : घर आया मेहमान-हास्य व्यंग्य रचना

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 11, 2025 व्यंग रचनाएं 4

ट्रेडमिल बड़े जोश से घर आया, पर महीने भर में कपड़े सुखाने का स्टैंड बन गया। जैकेट, साड़ियाँ, खिलौने सब उस पर लटकने लगे। वज़न घटाने का सपना ‘वज़न ढोने’ में बदल गया। अब वो स्टोर रूम में उम्र-क़ैद काट रहा है, और तोंद, सरकार की रिश्वत की तरह, फलती-फूलती जा रही है।

किराएदार की व्यथा: एक हास्य-व्यंग्य रचना

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 16, 2025 Blogs 0

इस रचना में किराएदार की ज़िंदगी की उन अनकही व्यथाओं को हास्य और व्यंग्य के लहज़े में उजागर किया गया है, जिन्हें हम सभी कभी न कभी भुगत चुके हैं। मकान मालिक की एक्स-रे दृष्टि, दूध की बाध्यता, रद्दी की एफडी और ‘बेटे समान’ किराएदार बनने की त्रासदी — सबकुछ इतने रोचक ढंग से बुना गया है कि हँसी के साथ एक टीस भी उभरती है।

हमारे शहर में भी ‘मोयतो’ की धूम

डॉ मुकेश 'असीमित' May 29, 2024 व्यंग रचनाएं 0

शहर में नया फास्ट फूड सेंटर खुला है, जहां मोहितो ('मोयतो') नामक पेय ने धूम मचा दी है। लेखक ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि कैसे उनके बेटे ने 'मोज़िटो' के सही उच्चारण 'मोयतो' को सही किया। शहरवासी, जो देसी चाट और पानी पतासे के आदी हैं, इस नए विदेशी पेय का आनंद ले रहे हैं। रेस्टोरेंट में डिज़ाइनर ग्लास में परोसे गए इस पेय को सब लोग पसंद कर रहे हैं और इसके साथ सेल्फी ले रहे हैं। लेखक ने अपने अनुभव को फिल्मी अंदाज में साझा किया और अंत में बताया कि उनकी पत्नी अब इस पेय को घर पर बनाने की तैयारी कर रही हैं।