गाँधी बनाम अम्बेडकर: सुधार बनाम विद्रोह

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 10, 2026 Blogs 0

क्या केवल संवैधानिक सुधार सदियों पुराने सामाजिक अन्याय को मिटा सकते हैं? डॉ. अंबेडकर के विचार हमें बताते हैं कि असली क्रांति कानून से नहीं, चेतना से शुरू होती है।

India: The Middle Path or an Emerging Pole?

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 10, 2026 English-Write Ups 0

Today’s wars are no longer fought merely at borders—they are battles of supply chains, energy, technology, and narratives. In this complex global chessboard, India is emerging as a pivot state that is not only maintaining balance but is gradually reaching a position where it can influence the game itself.

भारत, विश्व-संघर्ष और बदलती भू-राजनीति

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 9, 2026 Foreign Affair 0

ईरान, ताइवान, रूस और वेनेज़ुएला के बीच चल रहे वैश्विक तनाव के बीच भारत एक निर्णायक भूमिका में उभर रहा है, जहाँ संतुलन, रणनीति और कूटनीति ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

रंग बदलने के खतरे को लेकर गिरगिटों की हाई लेवल मीटिंग !

Prem Chand Dwitiya Apr 8, 2026 व्यंग रचनाएं 1

रंग बदलने के पुराने उस्ताद गिरगिट भी आजकल इंसानों की रंगबाज़ी से हैरान हैं। सुरक्षा के लिए रंग बदलने वाले जीव अब अपनी साख बचाने की बैठक कर रहे हैं। व्यंग्य यह है कि बदनाम गिरगिट हैं, मगर रंग बदलने की असली महारत इंसानों ने हासिल कर ली है।

हालात काबू में हैं

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 8, 2026 लघु कथा 0

चीखें हवा में तैर रही थीं, पर सायरनों की आवाज़ ने उन्हें ढँक लिया—व्यवस्था का संगीत शुरू हो चुका था। लाशें लाइन में सजा दी गईं—मृत्यु के बाद भी अनुशासन लागू था। कैमरे तैयार थे, आँसू भी—बस ‘सीन’ सेट होना बाकी था। और अंत में वही वाक्य—“हालात काबू में हैं।”

प्रेम पत्र में घोस्ट राइटिंग

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 5, 2026 व्यंग रचनाएं 0

“मैं उस दौर का अनाम प्रेमाचार्य था, जिसने प्रेम के सर्वहारा वर्ग के लिए जनहित याचिका की तरह प्रेमपत्र लिखे—निःशुल्क, निस्वार्थ और निस्संग।” “बिना शायरी के प्रेमपत्र ऐसा ही होता जैसे दाल बिना तड़के।” “एक ही प्रेमिका के लिए लिखते-लिखते हम भी ऊब गए—पर प्रेमियों के दिलों में आग बराबर जलती रही।”

एक ही देश में अलग-अलग राजनैतिक सच्चाइयाँ दिखाता सोशल मीडिया

Dr Shailesh Shukla Apr 5, 2026 India Story \बात अपने देश की 1

सोशल मीडिया ने एक देश में कई समानांतर वास्तविकताएँ बना दी हैं एल्गोरिद्म हमें वही दिखाते हैं जो हम देखना चाहते हैं झूठी खबरें सच्चाई से तेज़ फैलती हैं डिजिटल ध्रुवीकरण लोकतंत्र के लिए खतरा बन चुका है

इतिहास का संदूक और बब्बन चाचा की मूँछें

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 4, 2026 व्यंग रचनाएं 0

बब्बन चाचा ने परदादा की संदूक में रखी मूँछें निकालकर इतिहास को चेहरे पर चिपका लिया। अब वे हर सुबह ‘इतिहास अलाप’ करते हैं और वर्तमान को ताले में बंद कर देते हैं—क्योंकि आजकल असली मेहनत से ज्यादा आसान है विरासत पहन लेना।

लायंस क्लब सार्थक एवं डीएस साइंस अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदान शिविर सम्पन्न

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 3, 2026 Blogs 0

लायंस क्लब सार्थक एवं डीएस साइंस अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर में 31 यूनिट रक्त संग्रहित कर समाजसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया।

मूर्खोपाख्यानम् : देवलोक सभा में मूर्खता का महातांडव

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 3, 2026 व्यंग रचनाएं 0

देवर्षि नारद इंद्र को बताते हैं कि मृत्युलोक में मूर्खता अब योग्यता, नीति और प्रमोशन का आधार बन चुकी है। बुद्धिमान अल्पसंख्यक हो चुके हैं और प्रश्न करना अपराध माना जाने लगा है। इस व्यंग्यात्मक संवाद में मूर्खता के सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक स्वरूप का तीखा और हास्यपूर्ण चित्रण किया गया है।