५ दिसंबर—सेवा, संघर्ष और यात्रा का दिन: गर्ग हॉस्पिटल की कहानी

डॉ मुकेश 'असीमित' Dec 5, 2025 Health And Hospitals 0

एक ताँत की कुर्सी और एक टेबल से शुरू हुई यह यात्रा—आज 30 बेड के पंजीकृत हॉस्पिटल, MRI, CT, C-ARM और डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाओं तक पहुँच चुकी है। ५ दिसंबर न सिर्फ अस्पताल का स्थापना दिवस है, बल्कि उस लेखकीय यात्रा की भी याद दिलाता है, जिसकी शुरुआत ‘ख़ाँ की बारात’ से हुई थी। यही दिन सिखाता है कि सेवा छोटे कदमों से शुरू होती है, पर मंज़िल सामूहिक भरोसे से बनती है

विश्व आर्थराइटिस दिवस: जोड़ो से जुड़ी वो कहानी, जिसे समझना ज़रूरी है

डॉ मुकेश 'असीमित' Oct 12, 2025 Health And Hospitals 0

On World Arthritis Day, let’s pause to listen to what our joints are trying to tell us. Pain, stiffness, and swelling are not just signs of aging — they’re reminders to care, consult, and keep moving. Awareness today can mean a healthier tomorrow.

प्राइवेट अस्पतालों का एनकाउंटर

Dr Rajshekhar Yadav Jul 2, 2025 Blogs 0

प्राइवेट अस्पतालों पर लूट के आरोप लगाने से पहले समाज को याद रखना चाहिए कि हमने ही इन्हें 'उपभोक्ता वस्तु' बना दिया। जिस प्रोफेशन पर सबसे ज़्यादा कानून लागू हों, जहां हर चूक पर जुर्माना लगे, और फिर भी हम मुफ्त सेवा की अपेक्षा करें — क्या ये किसी एनकाउंटर से कम है?

माँ बनने से कठिन है माँ बने रहना ! डॉ. श्रीगोपाल काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Jul 2, 2025 Blogs 0

माँ बनने से कठिन है माँ बने रहना !डॉ. श्रीगोपाल काबरा उसने नौ महीने गर्भ वहन किया। प्रसव हुआ। प्यारा सा खूबसूरत बच्चा। शहर आई और बच्चे को मुँह-अंधेरे चुपके से बालगृह के पालने में छोड़ दिया। नहीं, बच्चा अवैध नहीं था। पति साथ था, दूर कोने में खड़ा था। वह पलट कर देखने लगी […]

The Last Bullet For Indian Private Healthcare-Dr. Rajas Deshpande

Dr Rajshekhar Yadav Jun 4, 2024 Blogs 0

भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था दशकों से संकट में है—झुग्गियों की भीड़, बजट की कमी, सरकारी अस्पतालों की बदहाली और महामारी में हर साल सैंकड़ों मौतें। फिर भी दोषारोपण डॉक्टरों और निजी अस्पतालों पर होता है, जिन्होंने बिना सुरक्षा और संसाधनों के अपनी सेवाएं दीं।

घातक आयनीकारक विकिरण (आयोनाइज़िंग रेडिएशन)-डॉ. श्रीगोपाल काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Aug 29, 2021 Blogs 0

घातक आयनीकारक विकिरण (आयोनाइज़िंग रेडिएशन)डॉ. श्रीगोपाल काबरा मेरी क्यूरी ने 1902 में रेडियम का आविष्कार किया। इससे गामा किरणें निकलती हैं। शरीर के आर-पार जाती इन किरणों से हड्डियाँ देखी जा सकती हैं। कोशिकाओं के पार जाती इन आयनीकारक किरणों से कोशिका की जीन (डी.एन.ए.) संरचना बिगड़ सकती है जिसके कारण समयोपरान्त कैन्सर होता है। […]

जीवन रक्षक स्तनपान-Life saving Breast Feeding

Dr Shree Gopal Kabra Jul 22, 2021 Health And Hospitals 0

जीवन रक्षक स्तनपानःनए जन्मे बच्चे में रोग प्रतिरोधात्मक शक्ति नहीं होती। वातावरण में व्याप्त विषाणुओं के सम्पर्क में आने पर ही हर विशिष्ट रोगाणु और विषाणु के लिए बालक का रक्षा संस्थान प्रतिरोधात्मक शक्ति हासिल करेगा। जब तक यह हो तब तक आवश्यक है कि ये प्रतिरोधात्मक तत्त्व शिशु को माता से मिलंे। ये माता के दूध से मिलते हैं और बालक के नाज़ुक प्रारम्भिक जीवन में उसकी रक्षा करते हैं

A Note of Gratitude to Health Warriors — Happy Doctors Day

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 1, 2021 Health And Hospitals 0

Every profession has its own significance and no profession can be underestimated. But the phase, in which the world is going through for the last two years, one profession that has surely made us bow down is that of medical professionals. On the occasion of Doctors Day, heartfelt gratitude to the Health Warriors who worked […]

मातृत्व का आधार – संसार का संचालन -The basis of motherhood – the running of the world

Dr Shree Gopal Kabra Jun 11, 2021 Blogs 0

स्त्रीत्व, नारीत्व और मातृत्व का संचालन केन्द्र - डिम्बग्रन्थि है? -कि स्त्रीत्व का व्यक्त रूप होता है, रोएं विहीन कोमल त्वचा, आकर्षक शरीर सौष्ठव, स्तन और नितम्ब, प्रजनन-सृजन की इच्छा, आतुरता, और ममत्व एवम् वात्सल्य के कोमल भावों की प्रकृति व प्रवृत्ति। स्त्रीत्व की इस नैसर्गिक और भावनात्मक अभिव्यक्ति की प्रेरणा, संचालन और संवर्द्धन का केन्द्र होती है डिम्बग्रन्थि।

घातक और अघातक रोगो का विज्ञान

Dr Shree Gopal Kabra Jun 2, 2021 Blogs 0

जैविक संसार में कुछ भी शत प्रतिशत सत्य नहीं होता और न ही कोई सच शास्वतघातक रोग व व अघातक जीवन प्रभावी रोगडॉ. श्रीगोपाल काबरास्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले रोगों की दो प्रमुख श्रेणियां होती हैं – घातक, जो शुरू से ही घातक प्रकृति के होते हैं। अल्पकाल में मृत्यु की संभावना लिए। अघातक जो […]