बेग़म अख़्तर : सुरों की मलिका

डॉ मुकेश 'असीमित' Nov 29, 2025 India Story 0

बेग़म अख़्तर—एक नाम जो सिर्फ़ संगीत नहीं, दर्द, रूह और नफ़ासत का दूसरा नाम है। फैज़ाबाद की एक हवेली से शुरू होकर लखनऊ की महफ़िलों तक पहुँची यह आवाज़ किसी उस्ताद की देन नहीं, बल्कि टूटे हुए बचपन और संघर्षों से पैदा हुई कशिश का चमत्कार थी। ठुमरी, दादरा और ग़ज़ल को उन्होंने ऐसी आत्मा दी कि वे सिर्फ़ गाने न रहकर अनुभव बन गए। शादी के बाद संगीत छिन गया तो depression घेर लिया, पर जब उन्होंने फिर गाना शुरू किया—वे बेग़म अख़्तर बन गईं। उनकी ग़ज़लें आज भी वही हलचल जगाती हैं—जैसे कोई भूली हुई याद अचानक सांस ले उठे।

ओ री चिरैया -गीत

डॉ मुकेश 'असीमित' May 20, 2020 Music Songs 0

यह गीत जो की सत्यमेव जयते TV शो जिसे आमिर खान ने होस्ट किया था. उसी शो के एक एपिसोड जिसमे कन्या भ्रूण हत्या की ज्वलंत समस्या पर बताया गया था,वहा पर स्वप्नल किरकिरे द्वारा रचित और उन्ही के द्वारा गया यहाँ गीत जिसका संगीत राम संपत द्वारा दिया गया ,इस गीत के बोल इतने प्रभावी है की आपके तन मन को झकोर कर रख दे.

कोरोना काल मे उम्मीद भरा ये गाना

डॉ मुकेश 'असीमित' May 19, 2020 Music Songs 0

आज जब कोरोना रूपी महामारी में सभी जगह निरशा और अनिष्चितता का अंधेरा छाया हुआ है। ऐसे में एक पुरानी फ़िल्म बातो बातो में का यह गाना शायद आपको जरूर एक आशावान ऊर्जा से भर देगा। आप इस गाने को एक बार अवश्य सुने । आप इसे खुद भी गुनगुनाये। मेरा दावा है यह गाना […]