कबीर निर्गुण भजनों की गूँज: छह गीतों की भावपूर्ण शृंखला अब एक साथ

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 5, 2026 Culture 0

कबीर-दर्शन और निर्गुण भक्ति से प्रेरित छह भावपूर्ण गीतों की कहानी, संदेश और अलग-अलग YouTube लिंक पढ़ें तथा अंत में संपूर्ण कबीर भजन जुकबॉक्स सुनें।

जय जय महादेवा: सावन सोमवार पर भक्ति, शक्ति और संगीत से सजी नवीन शिव स्तुति

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 3, 2026 Music Songs 0

सावन सोमवार पर सुनिए डॉ. मुकेश असीमित की नवीन शिव स्तुति “जय जय महादेवा”—पारंपरिक भक्ति, सिनेमैटिक संगीत और Bhakti Rock का शक्तिशाली संगम।

हर भाव के लिए एक गीत: Music with Mukesh की नई संगीतमय Playlists

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 2, 2026 Music Songs 0

Music with Mukesh की इन playlists को तैयार करने का उद्देश्य केवल गीतों को अलग-अलग सूची में बाँटना नहीं है। यह प्रयास हर श्रोता को उसके मन के अनुरूप संगीत तक सहजता से पहुँचाने का है।

नाम बिना क्या पाया? — ‘तन माटी रो पुतला’ में निर्गुण भक्ति की पुकार

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 1, 2026 Darshan Shastra Philosophy 0

यह रचना संत कबीर की किसी मूल वाणी का शब्दशः गायन नहीं, बल्कि कबीर के निर्गुण दर्शन से प्रेरित डॉ. मुकेश असीमित की मौलिक प्रस्तुति है।नाम बिना क्या पाया? — तन माटी रो पुतला एक भावपूर्ण Kabir Nirgun Bhajan है, जो मनुष्य को धन, शरीर और सांसारिक वैभव के अभिमान से ऊपर उठकर सच्चे नाम की ओर देखने का संदेश देता है। यह fast version कबीर-भाव से प्रेरित एक मौलिक निर्गुण रचना है। गीत याद दिलाता है कि राजमहल, सोना-चाँदी, गाजे-बाजे और शरीर का अभिमान—सब यहीं रह जाता है। अंततः मनुष्य के साथ केवल उसके कर्म, भक्ति और सच्चे नाम का सहारा जाता है।

वक़्त का पहिया घूमे रे | समय और अभिमान पर रेट्रो बॉलीवुड दार्शनिक गीत

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 27, 2026 Culture 0

“वक़्त का पहिया घूमे रे” समय, सत्ता, शोहरत और अभिमान पर आधारित एक रेट्रो बॉलीवुड दार्शनिक गीत है, जिसे डॉ. मुकेश असीमित ने लिखा है और AI Music Platform पर संगीतबद्ध किया गया है।

नमामि शम्भु शिवम्: शिव ताण्डव स्तोत्र का सरल हिंदी गीत-भावानुवाद

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 26, 2026 Music Songs 0

“नमामि शम्भु शिवम्” शिव ताण्डव स्तोत्र का सरल, लयबद्ध और संगीतबद्ध हिंदी गीत-भावानुवाद है। डमरू, पखावज, नगाड़ों और शक्तिशाली पुरुष-कोरस से सजी यह प्रस्तुति भगवान शिव के रौद्र, विराट और कल्याणकारी स्वरूप को सरल भाषा में श्रोताओं तक पहुँचाने का एक विनम्र प्रयास है।

श्री नृसिंह स्तुति

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 30, 2025 भजन -रचनाएँ 0

नृसिंह भगवान का रूप भय और करुणा का अद्भुत संगम है। हिरण्यकशिपु का वध कर उन्होंने धर्म की रक्षा की और प्रह्लाद को अभय दिया। यह दिव्य अवतार दर्शाता है कि जब अत्याचार अपनी सीमा पार कर देता है, तब भगवान स्वयं आकर धर्म की स्थापना करते हैं।

साथ देना तू मेरा-शिव भजन

Vidya Dubey Jul 28, 2025 भजन -रचनाएँ 2

यह कविता एक भक्त की भोलेनाथ से की गई विनम्र प्रार्थना है। जब संसार ठुकरा देता है, तब शिव ही सहारा बनते हैं। हर श्लोक में समर्पण, भक्ति और विश्वास की गूंज है—सच्चे ईश्वर से जुड़ने की एक सरल पर सशक्त पुकार।