मिलिए धुरंधर के अब्दुल भट्ठाबी से
(प्रदीप औदिच्य)
(भोपाल के संजय मेहता एक अहम किरदार में )
धुरंधर फिल्म को कहानी ,स्क्रिप्ट ,म्यूजिक ,एक्शन सीन हर क्षेत्र में एक उत्कृष्ट फिल्म मानी जा रही है।
इस मल्टी स्टार फिल्म में भोपाल के नाट्य कर्मी संजय मेहता ने भी एक अहम भूमिका अदा की है।अभी
हाल में ही उनको उत्तर प्रदेश संगीत नाट्य एकादमी का बी एम शाह सम्मान भी मिला है।इसके पूर्व भी
संस्कृति एकादमी के श्री हरिकृष्ण प्रेमी सम्मान और सुरेश चन्द शुक्ल सम्मान भी मिल चुका है।
फिल्म धुरंधर में वह अब्दुल भट्टावी की भूमिका में है ।जो मुंबई के 26/11 के आतंकी हमले में शामिल था।
संजय मेहता मूल रूप से सिरोंज के रहने वाले है ।वह नाट्य कला में उज्जैन के विक्रम विश्व विद्यालय से
पढ़ाई कर भारत भवन भोपाल में रंग मंडल में बतौर अभिनेता काम करते रहे हैं।1985 से वर्ष 2000 तक
प्रसिद्ध निर्देशक बी बी कारन्त के सान्निध्य में कई प्रसिद्ध नाटक में अभिनय किया ।इसके बाद संजय
मेहता अपना एक थियेटर ग्रुप “रंगशीर्ष” चला रहे है।
धुरंधर फिल्म के पहले वह कई फिल्म धड़क 2,हंसल मेहता निर्देशित फिल्म
ओमेरथा ,फिल्मीस्तान, सौरभ शुक्ला की ड्राईडे और एक सीरियल में काम कर चुके है।
धुरंधर में ये भूमिका कैसे मिली ?
इस बात पर वह जबाव देते है कि उनकी प्रोफाइल मुंबई के कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के पास
है,इसके पहले वह हंसल मेहता की फिल्म में ऐसे ही पाकिस्तान के आतंकवादी का रोल कर चुके थे,,।
दो साल पहले एक दिन उनकी कंपनी से फोन आया कि आपको आदित्य धर की फिल्म में एक भूमिका
करनी है,,,।
आदित्य धर का काम मैं उरी में देख चुका था,,वह बेहद प्रतिभावान निर्देशक हैं।
मै उनसे मिला उन्होंने बताया कि आपको ये अब्दुल भट्ठाबी वाला रोल तय किया है।
इस रोल के लिए क्या तैयारी की ?
,,इस बात के जबाव में संजय मेहता कहते है कि मैं तो थियेटर का कलाकार हूं निर्देशक जैसा कहता है मुझे
करना है,,
कोई खास नहीं थोड़ा पाकिस्तानी लहजा पकड़ने की कोशिश की,बाकी जो उनकी टीम ने कहा वैसा
किया।
इनके हिस्से के सीन मुंबई और अमृतसर में शूट हुए है।
क्या फिल्म इतनी सफल होगी इसका अंदाजा था,,?
संजय मेहता कहते है कि जब शूटिंग होती है तब डायरेक्टर की मेहनत समर्पण आदि के काम को देखा
जाता है,,हम टीम में आदित्य धर के मेहनत और उनकी कहानी का रिसर्च ,सीन फिल्माने का तरीका
ऐसा था कि लगता था कि ये फिल्म कुछ अलग ही इतिहास बनायेगी ।
निर्देशक आदित्य धर के बारे में बताते है कि वह बहुत संजीदा और मेहनती इंसान है,खुद हर सीन के लिए
मेहनत करते हैं,,जब निर्देशक खुद समझता हो मेहनत करता हो तो कलाकार अपनी तरफ से अपना सौ
प्रतिशत देने की कोशिश करता है,।इस फिल्म में हर छोटे बड़े कलाकार के सीन पर फोकस किया है ।
चाहे उसका रोल कितना भी छोटा हो।
इसलिए इस फिल्म के हर कलाकार की चर्चा है।
संजय मेहता कहते है कि इसके बीच वह केरला स्टोरी 2 में भी मुख्य विलेन जलालुद्दीन की भूमिका कर
चुके है।
इसके निर्देशक कामख्या नारायण सिंह की प्रशंसा करते हुए कहते है वह भी एक प्रतिभावान निर्देशक है।
संजय मेहता सनातनी परंपरा के संतों पर काम करते हुए आदि शंकराचार्य, संत तुकाराम ,संत कबीर पर
नाटक लिखे है और उनके अभी मंचन भी किया है।
देश भर में उनकी संस्था रंगशीर्ष कार्य कर रही है ।संजय मेहता को मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति
एकादमी का सम्मान मिल चुका है।
आगामी किसी फिल्म में काम को लेकर कहा कि एक दो प्रोजेक्ट पर बात चल रही है।
वैसे वह अपनी संस्था रंगशीर्ष के साथ
मरघटा बोलता है नामक नाटक के शो करने की तैयारी में है ।
और संत परम्परा पर कुछ और सनातनी संतों पर नाटक लिखने का मन है।
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