पायोजी मैंने ,सिलेंडर पायो ,!

पायोजी मैंने ,सिलेंडर पायो ,!

डॉ प्रेमचंद द्वितीय

इन दिनों मुकद्दर का सिकंदर की जगह मुकद्दर का सिलेंडर ने ले ली है ।इजराइल और ईरान की जंग विश्व में चूल्हे चौके तक पहुंच जाएगी यहां न तो ट्रंप ने सोचा होगा ,न हीं मरहूम
खेमनेई ने ! जंग से दुनिया बेहाल है और रसोई गैस से किचन का हाल बेहाल हो गया है ।रसोई गैस से हर कोई, फेस, कर रहा हैकिचन में गृहणी गैस सिलेंडर के न होने से सिलेंडर का डर पैदा कर रही है तो सिलेंडर का इंतजाम न करवाने पर पतिदेव सरेंडर.हो रहे हैं। श्रीमती और मेरे बीच सिलेंडर के न होने के गिले शिकवे, आमने उफरे , समय पर बुक न करने, सिलेंडर को हल्के में लेने और गैस एजेंसी से संपर्क नहीं होने जैसे ज्वलंत मुद्दे पर गैस सिलेंडर ने आग लगा रखी थी कि पंडित शिव नारायण जी आ टपके और जंग जीतने के अंदाज में गैस सिलेंडर को लेकर यहां तक कह दिया कि प्रेमचंद जी क्या खाली सिलेंडर की तरह खाली बैठे हो, मैंनै गैस सिलेंडर को बगैर नंबर लगाए ,बगैर.बुक किए और बगैर कतार में खड़े रहकर गैस….पाली ! महज एक गैस सिलेंडर को पाकर पंडित जी सिलेंडर की एसी विरूदावली वली गा रहे थे कि,, पायोजी मैंने गैस सिलेंडर पायो,, मानों राम रतन धन पा लिया हो,जबकि वे गैस सिलेंडर छुटभैया नेता के सामने सिरेंडर होकर लाकर गैस के फुग्गे की तरह फूल रहे थे ।पंडित जी बोले युद्ध सात समंदर पार हुआ लेकिन युद्ध की आग गैस के सिलेंडर की आग के जरिए घर-घर के चूल्हे चौके तक पहुंच गई।


वे बोले एलपीजी गैस सिलेंडर सप्लाई पर सरकार लगातार नजर रख रही है ,वहीं उपभोक्ताओं की नजर भी इन्हीं सिलेंडरों पर है। धूल धूसर में पड़े सिलेंडर की वैल्यू इतनी बढ़ जाएगी कभी किसी ने नहीं सोचा था ।एक एक सिलेंडर पर हर आदमी की आंखें गड़ी है ।गैस सिलेंडर इतना भाव खा जाएगा किसी ने भी नहीं सोचा था। जो सिलेंडर यूं ही घसीटा जाता था, बेतरतीबी से फेंका जाता था उसे अब कंधे पर उठाकर प्रदर्शन किया जा रहा है। जिसकी सफेद बाजार में भी कोई वकत नहीं थी वही सिलेंडर काला बाजार में पहुंच गया है। सिलेंडरों ने कभी नहीं सोचा था कि उनके लिए छापे मारे जाएंगे उन्हें जप्त किया जाएगा ,प्रदर्शन आंदोलन के अलावा सिलेंडरों के लिए प्रशासन हरकत में आएगा।
पंडित जी सिलेंडर पुराण पढ़ते पढ़ते बोले पड़ोसी की बेटी की शादी बहुत पहले एक रिसोट में बुक हो गई थी , लेकिन जब सिलेंडर के अभाव और भाव खाए तो वह चोरी छिपे ,ब्लैक मार्केट में मिलने लगा ।तब मैरिज गार्डन वाले का संदेश आया कि अलग से सिलेंडर टैक्स देना होगा ।इस पर पड़ोसी सिलेंडर को लेकर ट्रंप, ईरान इजराईल पर खपा हो रहे थे। गैस से उत्पन्न परेशानी के इजाफे से पड़ोसी का आर्थिक बजट गड़बडा गया इस कारण आमंत्रण के लिए छपी पत्रिकाएं भी उन्होंने गैस के हवाले कर दी और लिमिटेड कार्ड बांटे । उधर गैस सिलेंडर के लिए कतारे लगने लगी ,गैस गोदाम पर पहरे लगाने पड़ रहे है ,रात में आंगन में रखे सिलेंडरों को दो-तीन बार उठकर चोरी के दर से देखने की मजबूरी हो गई है।सरकार ने विदेशी गैस से देशी चूल्हे चौके जलवाए,अब मुंह तकवा रहे है । पंडित जी बोले एक गैस सिलेंडर की कदर तुम क्या जानों, इसने होटल ,रेस्तरां, ढाबे ,क्लाउड किचन, खोमचो पर ताले जड़वा दिए ।इसी सिलेंडर ने कतार में खड़े रहना सिखा दिया है ।वैसे भी नोटबंदी से लेकर राशन की दुकान ,रेल की टिकट से लेकर खाद बीज और अस्पताल की सुविधा पाने के लिए कतार में खड़े रहने की आदत पटक रखी है ।
वे बोले सांझा चूल्हे भी इन्हें सिलेंडरों ने बंद करवा दिए, सिलेंडरों ने तो विपक्ष को राजनीति की अपॉर्चुनिटी दे दी उधल चाहे हाजमें की गैस हो या सिलेंडर की गैस दोनों ही सत्ता वालों को सता रही है ।सिलेंडरों की चुनौती और किल्लत ने लोगों को गैस सिलेंडर की तरह फूलने उनकी तरफ फटने, उनकी तरह भाव खाने ,के अलावा सिलेंडर ने आम अवाम को भपका दिया है ।यही नहीं हर मुद्दे पर हताश लोगों को उनके दिमाग को खाली सिलेंडर के रूप में बताने लगे हैं। सिलेंडर की महिमा अब गांव, कस्बे, नगर ,राष्ट्रीय न होकर अंतरराष्ट्रीय हो गई है इसलिए सिलेंडर की इस पदोन्नति सलाम चाहे गैस मिले या न मिले !
जय हो सिलेंडर की !

Prem Chand Dwitiya

Prem Chand Dwitiya

Address 34 पत्रकार कॉलोनी बडनगर 456 771 जिला उज्जैन म…

Address 34 पत्रकार कॉलोनी बडनगर 456 771 जिला उज्जैन म प्र है

Comments ( 1)

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डॉ मुकेश 'असीमित'

2 hours ago

यह व्यंग्य रचना वैश्विक घटनाओं के स्थानीय प्रभाव को दिखाते हुए गैस सिलेंडर की किल्लत के माध्यम से आम आदमी की विडंबना, सामाजिक असंतुलन और राजनीतिक व्यंग्य को हास्यपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत करती है।