₹2,000 से अधिक UPI भुगतान पर शुल्क: 0.4% MDR कौन देगा?
₹2,000 से अधिक UPI भुगतान पर 0.4% MDR की खबर को “UPI Tax” कहा जा रहा है। जानिए शुल्क वास्तव में किस पर लगेगा, P2P भुगतान क्यों मुफ्त रहेंगे और छोटे व्यापारियों को क्या छूट मिली है।
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₹2,000 से अधिक UPI भुगतान पर 0.4% MDR की खबर को “UPI Tax” कहा जा रहा है। जानिए शुल्क वास्तव में किस पर लगेगा, P2P भुगतान क्यों मुफ्त रहेंगे और छोटे व्यापारियों को क्या छूट मिली है।
समझदार कहलाना हमेशा सम्मान नहीं होता। कई बार समाज उसी आदमी से सबसे ज्यादा एडजस्टमेंट, माफी, त्याग और समझौते की उम्मीद करने लगता है। इसी विडंबना पर आधारित एक चुटीला हास्य-व्यंग्य।
“आवागमन मिटाय द्यौ, भोले शंकर” एक भावपूर्ण ब्रज-अवधी लोक शैली का शिव भजन है, जिसमें संसार की नश्वरता, मन की भटकन, वैराग्य और भोलेनाथ की शरण में मुक्ति की गहरी कामना व्यक्त होती है। फकीरी लोक-स्वर और सहज भाषा इसे विशेष आत्मीयता देते हैं।
महंगाई अब केवल बाजार के किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं रही। शक्कर और प्याज जैसी ठोस वस्तुओं से लेकर तेल-पेट्रोल जैसे द्रव पदार्थों और घरेलू गैस तक—उसने पदार्थ की तीनों अवस्थाओं में आम आदमी को जकड़ लिया है। पढ़िए डॉ. प्रेमचंद द्वितीय का हास्य-व्यंग्य।
गणेश चतुर्थी पर सुनिए भावपूर्ण भजन “मेरे घर में आओ गणराज” और जानिए गणपति के घर एवं मन में आगमन का आध्यात्मिक संदेश।
Digital Arrest कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि डर और नकली सरकारी कार्रवाई के सहारे की जाने वाली साइबर ठगी है। जानिए इसके 7 बड़े Red Flags, “Safe Account” का सच और पैसे जाने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करने का सही तरीका।
हम जिन “साँपों” को विश्वास और समर्थन का दूध पिलाते हैं, उनसे बार-बार विष ही क्यों मिलता है? पढ़िए डॉ. मुकेश ‘असीमित’ के व्यंग्य गीत “नाग पंचमी हर पल” का भावार्थ और सुनिए पूरा गीत।
जब जीवन की नैया भँवर में फँस जाए, तब हनुमान जी पर विश्वास सबसे बड़ी पतवार बनता है। जानिए भावपूर्ण लोक-भजन “तेरी डोरी थामी हनुमान” का आध्यात्मिक संदेश।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में crude oil की कीमत 108 डॉलर के करीब पहुँचते ही रुपया और भारतीय शेयर बाजार दबाव में आ गए। समझिए महँगा तेल किस तरह डॉलर, महँगाई, ब्याज दर, EMI और आम परिवार की जेब को प्रभावित करता है।
नई दिल्ली में Modi, Putin और Xi की मुलाकात से BRICS currency और डॉलर के भविष्य पर चर्चा तेज है। क्या सचमुच नई World Order बन रही है, या BRICS को अभी लंबा रास्ता तय करना है?