टिकट विंडो की लाइन : व्यंग रचना -डॉ मुकेश गर्ग
“रेलवे की लाइनों में जीवन के उतार-चढ़ाव की गाथा: प्रौद्योगिकी और व्यवहार की चुनौतियों के बीच, सामाजिक चेहरा और व्यक्तिगत जद्दोजहद का आईना।” रेलवे के टिकट विंडो की लाइन में लगा हुआ हूँ, रेल यात्रियों के बढ़ते दबाव से परेशान होकर और अमृत योजना के बजट का कुछ अंश खर्च करके टिकट विंडो का चौड़ीकरन […]