राजनीति की गीता: कुर्सीपुराण का अंश
यह गीता मोक्ष नहीं दिलाती, यह कुर्सी दिलाती है—और वही इसका सबसे बड़ा धर्म है।जहाँ कर्म दूसरों से कराया जाता है और फल स्वयं भोगा जाता है, वहीं से राजनीति का शास्त्र शुरू होता है।
यह गीता मोक्ष नहीं दिलाती, यह कुर्सी दिलाती है—और वही इसका सबसे बड़ा धर्म है।जहाँ कर्म दूसरों से कराया जाता है और फल स्वयं भोगा जाता है, वहीं से राजनीति का शास्त्र शुरू होता है।