Dr Shailesh Shukla
May 25, 2026
Agriculture/environment
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भीषण गर्मी, सूखते जलस्रोत, प्रदूषित हवा और अनियोजित विकास आज मानव सभ्यता के सामने अस्तित्व का संकट बनकर खड़े हैं। यह लेख पर्यावरण संतुलन के बिगड़ते हालात और धरती को बचाने की अनिवार्यता पर गंभीर विमर्श प्रस्तुत करता है।
Dr Shailesh Shukla
May 8, 2026
Agriculture/environment
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पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन क्यों आवश्यक है? जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, सतत विकास, जल संरक्षण, जंगल, ऊर्जा और भारत के भविष्य पर आधारित विस्तृत हिंदी लेख पढ़ें।
Dr Shailesh Shukla
Jul 24, 2025
समसामयिकी
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भारत में जल संकट गहराता जा रहा है। 18% जनसंख्या के बावजूद भारत के पास मात्र 4% जल संसाधन हैं। जलवायु परिवर्तन, अति-दोहन और नीतिगत असफलताओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। दिल्ली, बेंगलुरु जैसे शहर "डे ज़ीरो" झेल चुके हैं। प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता चिंताजनक स्तर तक घट चुकी है। अब यह केवल पर्यावरण नहीं, एक सामाजिक-राजनीतिक संकट बन चुका है।