डिजिटल लत और परिवारों के बिखरते ताने-बाने
भारत में डिजिटल क्रांति ने जहां अवसर दिए, वहीं एक नई चुनौती भी खड़ी कर दी—डिजिटल लत। यह लेख बताता है कि कैसे स्क्रीन के बढ़ते समय ने बच्चों, रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है।
भारत में डिजिटल क्रांति ने जहां अवसर दिए, वहीं एक नई चुनौती भी खड़ी कर दी—डिजिटल लत। यह लेख बताता है कि कैसे स्क्रीन के बढ़ते समय ने बच्चों, रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है।
सोशल मीडिया पर बैन की ख़बर ने किशोरों को सिर्फ़ चिंतित नहीं किया, उन्हें किंकर्तव्यविमूढ़ कर दिया। जहाँ किशोर अपनी डिजिटल पहचान के छिनने से डर रहे हैं, वहीं बुज़ुर्ग पीढ़ी उसी स्मार्टफोन में गुम है, जिस पर प्रतिबंध की बात हो रही है। यह कहानी केवल मोबाइल की नहीं, बल्कि पीढ़ियों के दोहरे चरित्र और डिजिटल नैतिकता की है।