Vivek Ranjan Shreevastav
Mar 23, 2026
हिंदी कविता
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कुरुक्षेत्र से लेकर विश्व युद्धों तक मानव इतिहास संघर्षों से भरा रहा है, जहाँ विजय और पराजय के बीच अंततः पीड़ा ही शेष रही। यह कविता आधुनिक युद्धोन्माद के बीच प्रेम को एक ऐसी “पैट्रियाड मिसाइल” के रूप में खोजती है, जो नफरत की “स्कड मिसाइलों” को जन्म लेने से पहले ही निष्क्रिय कर सके।
Dr Shailesh Shukla
Feb 11, 2026
हिंदी कविता
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यह कविता आधुनिक जीवन की अंधी दौड़ से उपजी थकान, आंतरिक रिक्तता और आत्मचिंतन की आवश्यकता को कोमल लेकिन गहरे दार्शनिक स्वर में व्यक्त करती है। यश, धन और शक्ति की आकांक्षाओं से मुक्त होकर शांति, प्रेम और करुणा को जीवन का वास्तविक सौभाग्य बताया गया है। मीरा, राम और वैराग्य के प्रतीकों के माध्यम से यह रचना विकास और शांति के संतुलन पर प्रश्न उठाती है और पाठक को ठहरकर अपने भीतर झाँकने का अवसर देती है।