स्वेच्छा है भी… और नहीं भी

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 31, 2026 Darshan Shastra Philosophy 0

फ्री विल पूर्ण स्वतंत्रता नहीं, बल्कि दिशा चुनने की क्षमता है—जहाँ मनुष्य प्रकृति के प्रवाह से ऊपर उठने का साहस करता है।स्वतंत्र इच्छा वहीं जन्म लेती है, जहाँ मनुष्य अपने भीतर उठे विचारों को केवल देखना नहीं, बल्कि सजगता से चुनना सीखता है।

लिखा के लाए हैं…

डॉ मुकेश 'असीमित' Jan 16, 2026 व्यंग रचनाएं 0

“जो लिखा है, वही होगा—बाक़ी सब तर्क अतिरिक्त हैं।” “किस्मत ने परमानेंट मार्कर से लिखा है साहब।” “इंसान से सहमति नहीं ली गई, फिर भी संविधान लागू है।” “कुछ लोग फूल लिखाकर लाए, कुछ काँटे समेटते रह गए।”