लग गयो सावन तन-मन पर: श्रावण, कविता और संगीत का भावपूर्ण संगम
सावन की बूँदें जब तन के साथ मन को भी भिगोती हैं, तब शब्द कविता बनकर कागज पर उतरते हैं। पढ़िए विशंभर पाण्डेय ‘व्यग्र’ के काव्य-गीत का भाव, संपूर्ण गीत और उसकी संगीतमय प्रस्तुति की कहानी।
सावन की बूँदें जब तन के साथ मन को भी भिगोती हैं, तब शब्द कविता बनकर कागज पर उतरते हैं। पढ़िए विशंभर पाण्डेय ‘व्यग्र’ के काव्य-गीत का भाव, संपूर्ण गीत और उसकी संगीतमय प्रस्तुति की कहानी।