कबीरा रे… मन की गठरी खोल रे | Soulful Kabir Nirgun Bhajan

डॉ मुकेश 'असीमित' Sep 6, 2026 Culture 0

“कबीरा रे…” एक भावपूर्ण निर्गुण भजन है, जो मनुष्य को बाहर भटकने के बजाय अपने भीतर बसे साहिब को खोजने, मन की गाँठें खोलने और कबीर की सहज वाणी को अनुभव करने का संदेश देता है।