वस्तु और विषय : बंधन और मुक्ति के बीच का सूक्ष्म अंतर

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 7, 2026 Darshan Shastra Philosophy 0

मनुष्य की चेतना वस्तुओं को केवल वस्तु की तरह नहीं देखती, वह उनसे इच्छा, आसक्ति और पहचान जोड़ देती है। यही वस्तु को विषय बना देता है और यहीं से बंधन की शुरुआत होती है। वस्तु और विषय के इस सूक्ष्म अंतर को समझना ही मुक्ति की दिशा में पहला कदम है।