पावरलेस बर्थडे के फूल : राजनीति, होर्डिंग्स और भीड़तंत्र पर तीखा हास्य-व्यंग्य
जब सत्ता चली जाती है तो फूल भी कृत्रिम लगने लगते हैं। “पावरलेस बर्थडे के फूल” राजनीति, भीड़तंत्र, होर्डिंग संस्कृति और लोकतांत्रिक नौटंकी पर करारा हास्य-व्यंग्य प्रस्तुत करती है।