जीवन ही दर्पण है: सत्य बाहर नहीं, अनुभव में है
सत्य सिद्धांतों में नहीं, हमारे दैनिक व्यवहार और निर्णयों में प्रकट होता है। जब हम अपने जीवन को साक्षी भाव से देखना शुरू करते हैं, तब अनुभव ही हमारा शिक्षक बन जाता है और सत्य स्वयं स्पष्ट होने लगता है।
सत्य सिद्धांतों में नहीं, हमारे दैनिक व्यवहार और निर्णयों में प्रकट होता है। जब हम अपने जीवन को साक्षी भाव से देखना शुरू करते हैं, तब अनुभव ही हमारा शिक्षक बन जाता है और सत्य स्वयं स्पष्ट होने लगता है।